Vitamin K2 : Important facts in Hindi – विटामिन K2 : तथ्य, भोजन तथा कमी के कारण एवं लक्षण

विटामिन K2 का महत्त्व (Importance of vitamin K2)

वसा में घुलने वाला विटामिन K2 तीन यौगिक पदार्थों से मिलकर बना होता है – K1, K2 और K3। हर पोषक पदार्थ की अपनी एक अलग भूमिका होती है। वैसे तो आम धारणा यह है कि विटामिन के सिर्फ खून की जमावट और हड्डियों में खनिज भरने की भूमिका निभाता है। यह एक गलत बात है और सच तो यह है कि विटामिन K2 में और भी कई खूबियां हैं। यह कैल्शियम, विटामिन तथा हड्डियों के अन्य खनिजों की सहायता करता है। K2 को औषधीय भाषा में मेनाक्विनोन के नाम से जाना जाता है और यह वसा में घुलता है। विटामिन के प्रकार, K2 विटामिन K2 और K3 से इस मायने में अलग है कि इसके घुलने की क्षमता काफी ज़्यादा है। शरीर में कैल्शियम के समान बंटवारे के लिए K2 ज़िम्मेदार होता है। हड्डियों को काफी मात्रा में ओस्टियोकलसिन कैल्शियम की आवश्यकता होती है, वहीँ धमनियों में कैल्शियम की ज़्यादा मात्रा हो जाने पर रक्त संचार में बाधा उत्पन्न हो सकती है। विटामिन K2 इन चीज़ों का ध्यान रखता है तथा शरीर के उन हिस्सों से कैल्शियम हटाता है जहाँ पर उनकी आवश्यकता नहीं है।

K2 का एक और मुख्य कार्य K2 पर निर्भर प्रोटीन्स को कार्यशील करना है। जैसा कि हम जानते हैं कि कोशिकाएं शरीर को बनाने में अहम भूमिका अदा करती हैं और ये कोशिकायें प्रोटीन से बनी होती हैं। अतः कार्यशील होने की प्रक्रिया से कोशिकाओं को मज़बूती मिलती है। K2 के अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी गुणों को लेकर भी चर्चा ज़ोरों पर है।

हाल के ही एक शोध में यह पाया गया है कि विटामिन K2 रियुमाटॉइड आर्थराइटिस की स्थिति को ठीक करने में काफी सहायता करता है।

विटामिन K2 शरीर में ATP के सामान्य उत्पादन को भी नियंत्रित करता है। ATP हमारे शरीर की सारी ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत है। इस गुण की वजह से डॉक्टरों के अनुसार यह विटामिन पार्किंसन के रोगियों में भी सुधार ला सकता है। यह विटामिन ड्रोसोफिलिया माइटोकोंड्रिया में इलेक्ट्रॉन्स का संचार करता है।

कुछ अन्य शोधों के मुताबिक़ विटामिन K2 में कैंसर का इलाज करने वाले गुण भी हैं। पोषण तथा कैंसर के बीच एक सम्बन्ध होता है। उच्च मात्रा में K2 की मात्रा लेने पर 45 साल से ज़्यादा की उम्र की महिलाओं में प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना समाप्त हो जाती है।

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विटामिन के के स्रोत – विटामिन K2 युक्त भोजन (Foods that contain vitamin K2)

विटामिन K2 एक माइक्रो नुट्रिएंट है। शरीर की विटामिन की ज़रूरतें पूरी करने के लिए हमें इसकी काफी कम मात्रा चाहिए। K2 मुख्य रूप से जानवरों से प्राप्त उत्पादों में पाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जानवर विटामिन K1 से K2 निकाल सकते हैं। उनके मांस में काफी मात्रा में विटामिन K2 पाया जाता है। गुर्दे में सबसे ज़्यादा K2 की मात्रा पायी जाती है। चिकन, लैम्ब, हैम तथा बीफ में भी काफी मात्रा में K2 होता है। अंडे के पीले भाग का सेवन करने से भी हमें इस विटामिन की अच्छी खुराक प्राप्त होती है।

खमीर निकालने की प्रक्रिया द्वारा शाकाहारी भोेजनों में K2 की मात्रा डाली जा सकती है। विटामिन k के स्रोत, ऐसा इसलिए क्योंकि खमीर निकालने के लिए आवश्यक बैक्टीरिया MK 7 या मेनाक्विनोन 7 खमीर युक्त भोजनों में पाया जाता है। इसी वजह से किसी भी प्रकार चीज़ K2 का काफी अच्छा स्त्रोत होते हैं। यह शरीर में लम्बे समय तक रहते हैं तथा स्वादिष्ट भी होते हैं।

K2 की कमी के कारण तथा लक्षण (K2 vitamin deficiency causes and symptoms)

जिन लोगों के शरीर में विटामिन K2 की कमी होती है, वे विटामिन D की कमी से भी ग्रस्त होते हैं। ये दोनों विटामिन हड्डियों के स्वस्थ रहने की दिशा में एक साथ काम करते हैं। K2 की मात्रा ग्रहण करने के साथ साथ काफी ज़्यादा मात्रा में विटामिन डी की मात्रा ग्रहण करने से शरीर को लाभ के मुकाबले हानि ज़्यादा होगी। आर्थिक कमियों की वजह से भी शरीर में K2 की मात्रा कम हो सकती है। जैसा कि हमें पता है कि जानवरों से मिलने वाला प्रोटीन K2 का काफी अच्छा स्त्रोत है, अतः मांस या डेरी के उत्पाद खरीदने में असमर्थ होना भी विटामिन K2 की कमी का कारण बनता है, जिसकी वजह से K2 अस्तित्व में आता है।

नवजात शिशुओं में विटामिन K2 की मात्रा कम होने का कारण गर्भवती माँ को पोषक भोजन देने में असमर्थ होना है। तीसरी तिमाही में K2 का सेवन अति आवश्यक है।

लक्षण (Symptoms)

मानव शरीर के लिए आवश्यक विटामिन्स का इतिहास

1. कई शोधों से साबित हुआ है कि रजोनिवृत्ति के बाद के दौर में महिलाओं में होने वाले कोरोनरी दिल के रोग के 2 की कमी की वजह से हो सकते हैं। इस विटामिन द्वारा शरीर का अटपटा कैल्सिफिकेशन रोका जा सकता है। अगर आप निर्धारित मात्रा में K2 का सेवन नहीं करते तो आपकी धमनियां कैल्शियम से जाम हो जाने का डर रहता है। इस ब्लॉकेज से दिल का दौरा पड़ने की भी संभावना रहती है।

2. विटामिन D का सेवन करने के साथ ही हड्डियों के लिए ओस्टियोकालसिन बनाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। K2 के बगैर हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है और उनमें छेद उभरने लगते हैं। औषधीय विज्ञान में इस स्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं।

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