Hindi tips to get pregnant fast – तुरंत और आसानी से गर्भवती होने के तरीके – प्रेग्नेंट होने के टिप्स

एक महिला के लिए बच्चे को जन्म देना काफी प्रसन्नता की बात होती है, और वह इस दिन की काफी प्रतीक्षा करती है।गर्भावस्था की स्थिति अचानक नहीं आती, इसमें गणना का काफी बड़ा हाथ होता है। गर्भवती होने के लिए आपका फर्टिलाइजेशन (fertilization) अच्छे से होना चाहिए। आपको अपने मासिक धर्म (periodic cycle) का आंकलन करके उसी हिसाब से चलना चाहिए।

शारीरिक सम्बन्ध के फलस्वरूप गर्भवती होने से पहले इस बारे में अच्छे से सोच लें कि आप असल में एक बच्चे को जन्म देना चाहती हैं या नहीं। इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से ग्रस्त लोगों को डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए तथा गर्भवती होने के अन्य तरीके प्रयोग में लाने चाहिए। आजकल जीवनशैली में परिवर्तन की वजह से पुरुष और महिलाओं की फर्टिलिटी का स्तर काफी कम हो गया है। नीचे गर्भवती होने के कुछ तरीकों के बारे में बताया गया है।

ज्यादातर जोड़े जो असुरक्षित यौन संबंध प्रस्थापित करते हो उसमे महिला को प्रेगनेंट करने का तरीका, प्रेग्नेंट/गर्भवती होने की (to become pregnant) ज्यादा संभावना होती है। जिस जोड़े को प्रजनन की समस्या न हो वे प्रेग्नेंट होने के टिप्स, कुछ आसान तरीकों का पालन करके उसमे महिला गर्भवती हो सकती है।

प्रेगनेंट होने के लिए कुछ सुझाव (Instructions for getting pregnant)

  • प्रेगनेंट होने के लिए, जोड़े को अपने आप को तनाव से मुक्त रखने की जरुरत है। तनावग्रस्त रहने से गर्भ रहने में मुश्किलें आ सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान खून निकलना और उनके कारण

  • महिलाओं के लिए अण्डोत्सर्ग का समय जाननेवाले किट का उपयोग करके सही समय का पता लगाना चाहिए। अण्डोत्सर्ग से पूर्व २४-३६ घंटे मूत्र में एलएच की वृद्धि होती है और यह समय प्रेग्नेंट/गर्भवती बनने (to get pregnancy) के लिए लाभकारी होता है।
  • प्रेगनेंट होने के लिए, पुरुषों को ज्यादा व्यायाम नहीं करना चाहिए, गर्म पानी से टब बाथ नहीं लेना चाहिए और ज्यादा तंग कच्छे नहीं पेहेनने चाहिए।

प्रेग्नेंट/गर्भवती होने के बेहतरीन उपाय और प्राकृतिक तरीके (Natural ways to get pregnant fast)

अगर लंबे समय बाद भी स्त्री को गर्भ न रहता हो तब वैद्यकीय सलाह की जरुरत पड़ती है। इसमें कुछ दवाइयां लेनी पड़ती हैं जो आपके प्रेग्नेंट/गर्भवती होने के अवसरों को बढ़ावा देती हैं। निचे दिए गए कुछ प्राकृतिक तरीके मेहेंगे नहीं होते हैं। नियमित रूप से इनका पालन करने पर प्रेग्नेंट/गर्भवती रहने की संभावना बढती है।

  • यौन संबंध के समय जोड़े कि शारीरिक अवस्था ऐसी हो जिससे पुरुष महिला के साथ गहरा संबंध प्रस्थापित कर सके। संबंध के बाद महिला को अपनी पीठ पर 15 मिनट तक लेटा हुआ रहना आवश्यक है जिससे पुरुष के शुक्राणु स्त्री के बीज तक पहुँच सके।
  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन रोक देना चाहिए।
  • मासिक धर्म का योग्य समय देखकर शरीर संबंध का समय तय किया जा सकता है।
  • पुरुष और स्त्री को स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना जरुरी है। ड्रग्स और शराब लेना बंद करें।
  • स्त्री के शरीर में शुक्राणु थोड़े दिनों तक रहते हैं। इसलिए अक्सर संबंध रखना गर्भ रहने में मदद करता है।

प्रेगनेंट होने के टिप्स – गर्भवती होने के तरीके (Easiest Way to Get fast conceive tips in Hindi)

कुछ स्त्रियों में आसानी से गर्भ रहता है पर कुछ स्त्रियों के लिए यह बड़ा मुश्किल होता है। कुछ आसान तरीकों का पालन करके प्रेग्नेंट होने के टिप्स से ऐसी स्त्रियाँ प्रेग्नेंट / गर्भवती हो सकती हैं।

गर्भवती महिलाओं को नींद लाने में सहायता करने के लिए कुछ तरीके

  • स्त्रियों के शरीर में बीज १२-२४ घंटे तक फलन के लिए उपलब्ध होते हैं जबकि शुक्राणु ३ से ५ दिनों तक जिंदा रह सकते हैं। इसलिए २८ दिनों के बाद आने वाले मासिक धर्म में पहले ११ से २१ दिन तक संबंध रखने से उपयोग हो सकता है।
  • अक्सर संबंध रखना गर्भ रहने का आसान तरीका है। शरीर की ऐसी स्थिति जहाँ शुक्राणु आसानी से बीज तक पहुँच सके ऐसी स्थिति होना मदद करता है।
  • जोड़े को तनाव मुक्त होना बहुत जरुरी होता है।

अगर ऊपर दिए गए किसी भी सुझाव से प्रेग्नेंट नहीं होती तो डॉक्टर की सलाह लें।

प्रेग्नेंट होने के लिए क्या करें, वज़न घटाना (Losing weight)

कई बार वज़न ज़्यादा होने की वजह से महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कतें पेश आती हैं। उन्हें बच्चे को जन्म देने में काफी परेशानी होती है, क्योंकि इस प्रक्रिया में उनके शरीर में जमा वसा एक बाधा बन जाती है। अतः एक बच्चे को जन्म देने के लिए पुरुष और महिला दोनों का ही स्वस्थ रहना काफी ज़रूरी है। अत्याधिक वज़न वाली महिलाओं को इनफर्टिलिटी की समस्या होने की संभावना काफी ज़्यादा होती है। अतः गर्भधारण का प्रयास करने से पहले महिलाओं को 2 से 3 महीने तक व्यायाम करके अपना वज़न कम करने का प्रयास करना चाहिए।

केमिकल्स से दूर रहें (Away from chemicals)

कारखानों तथा प्रयोगशालाओं में काम करने वाली महिलाएं रोज़ाना कठोर केमिकल्स के संपर्क में आती हैं। छपाई के कारखानों तथा फसलों के लिए कीटनाशक बनाने वाले उद्योगों में काम करने वालों को भी इनफर्टिलिटी की समस्या घेर सकती है। एक बार अगर आपने गर्भधारण का फैसला ले लिया है तो कृपया केमिकल्स से दूर रहें। अगर संभव हो तो अपना पेश बदल लें या फिर गर्भावस्था के समय से पहले और बाद के लिए छुट्टी ले लें। इससे आपके फर्टिलिटी तथा बच्चा दोनों ही सुरक्षित रहेंगे।

प्रेग्नेंट होने के लिए क्या करें, तनाव दूर करें (Avoiding stress)

गर्भावस्था के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याए

आजकल ज़्यादातर लोग तनाव के शिकार हैं, और शायद यही वजह गर्भावस्था के स्तर के घटने की भी है। आजकल सभी लोगों को सारा दिन काम का बोझ तथा तनाव झेलना पड़ता है। दिमाग में पड़ने वाले प्रभाव के अलावा यह शरीर में उत्पादित होने वाले हॉर्मोन्स (hormones) में भी समस्या उत्पन्न करता है। अतः तनाव से दूर रहें तथा गर्भधारण का फैसला लेने से पहले हमेशा खुश रहने का प्रयास करें। आपको अपने बच्चे के बारे में सोचते हुए अपना तनाव कम करना चाहिए। चिंता की वजह को दूर करने की कोशिश करें।

सेक्स की प्रक्रिया को दोहराएं  (Having repeated sex, sex tips in hindi)

सम्भोग दुनिया में बच्चे को लाने का एक अनोखा और आनंददायक तरीका है। प्रेगनेंट करने का तरीका में कुछ लोग काम के दबाव तथा अन्य जुड़े कारणों से पर्याप्त मात्रा में सेक्स की क्रिया को अंजाम नहीं दे पाते।पर अगर आप बच्चा चाहती हैं और एक बार सेक्स से कोई फायदा ना हो तो उर्वर दिनों (fertilizing days) को ध्यान में रखते हुए सेक्स की क्रिया को बार बार दोहराना काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। महिलाओं का मासिक धर्म (menstrual cycle) 28 से 30 दिनों का होता है, जिसमें से 14 वें दिन वे सबसे ज़्यादा उर्वर अवस्था में रहती हैं। आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि अंडाणु (ovum) का जीवन 24 से 36 घंटों तक का ही रहता है। अतः आपको सम्भोग की क्रिया के लिए इस दिन के आसपास के समय का ही चुनाव करना चाहिए। इस समय सेक्स में लिप्त होने से गर्भधारण की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। आपको सम्भोग के बाद दवाई की दुकानों पर उपलब्ध यूरिन टेस्ट किट (urine test kit) से गर्भावस्था की जांच करनी चाहिए।

गर्भवती होने के उपाय संतुलित खानपान से (Balanced diet)

जब आपको गर्भधारण की इच्छा हो, उस समय आपको अपने खानपान की तरफ भी काफी ध्यान देना चाहिए। संतुलित आहार करें जिसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, मिनरल और अन्य पोषक पदार्थ हों (protein, minerals and other nutrients), जिससे कि गर्भधारण की प्रक्रिया में तेज़ी आ जाए। हमेशा पोषक भोजन करने की कोशिश करें, जिससे बिना किसी समस्या के आसानी से बच्चे को जन्म दिया जा सके। आप अपने खानपान में अन्य पूरक आहार (supplements) तथा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (micronutrients) भी शामिल कर सकती हैं।