Adverse effects of wearing high heels – ऊँची एड़ी के जूते पहनने का दुष्प्रभाव

आपने बहुत सारे लोगों को जोड़ों के दर्द और हड्डियों की समस्याओं के कारण परेशान होते हुये देखा होगा। धीरे-धीरे यह समस्या बहुत बुरी स्थिति में आ जाती है। साठ के दशक से ही ऊंची एड़ी के पहनावे प्रचलन में थे। ऊंची एड़ी के पहनावे उन लोगों के लिये अच्छे है जिनकी ऊंचाई कम होती है और अच्छी ऊंचाई वाली महिलाओं के सामने शर्मिंदा होती है।

शोध के अनुसार रोज़ाना ऊँची एड़ी के जूते पहनना महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर जाते समय आपको ऊँची एड़ी के जूते पहनने की इच्छा होती है, क्योंकि इससे आप लंबी और आकर्षक लगती हैं।

कभी कभी इसे पहनना तो ठीक है, पर रोज़ रोज़ इसे पहनना हानिकारक होता है। इससे आपके पैरों, टखनों और रीढ़ पर काफी बुरा प्रभाव पड़ेगा। इससे जोड़ों की समस्या भी हो सकती है।

पैरों का दर्द, पैरों के बीच का दर्द, एड़ियों का दर्द, घुटनों का दर्द, कूल्हों का दर्द, पीठ के दर्द आदि में क्या समानता है ? जी हां, आपने ठीक सोचा, ये सब ऊँची एड़ी के जूते लगातार पहनने के ही परिणाम हैं।

आपके दोनों पैर 1 मील की दूरी तय करने में करीब 1800 बार ज़मीन को स्पर्श करते हैं। एक व्यक्ति एक दिन में औसतन 5 मील चलता है। इसका मतलब हुआ दिन के 8000 से 10000 कदम। जब एक व्यक्ति चलता है तो उसकी उंगलियां शरीर के वज़न का  डेढ़ गुना भार सहन करती हैं। जब आप दौड़ते हैं तो यही भार बढ़कर 3 से 4 गुना हो जाता है।

पैरों की नसों की सूजन रोकने के लिए सर्वोत्तम प्राकृतिक सुझाव

जब आप यह जान गए हैं कि आपके पैर रोज़ाना कितनी परेशानियों से गुज़रते हैं, तो आपका फ़र्ज़ बनता है कि आप इनके लिए आरामदायक जूते खरीदिए। आरामदायक जूते पहनकर भी पैरों पर अच्छा खासा दबाव पड़ता है। क्या आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आपका सारा भार अगर आपके अंगूठों की नींव पर आ गया तो क्या होगा?

महिलाओं के ऊँची एड़ी के जूते पहनने से उन्हें शारीरिक तौर पर काफी नुकसान होता है। इससे उनके घुटनों, जोड़ों और नितंबों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है जो कि रीढ़ की हड्डी तक जाता है। हमारा शरीर पैरों से सिर तक गियर (gear) से लगी एक लंबी चेन (chain) की तरह है, जहाँ अन्य अंगों के अच्छे से काम करने पर गियर भी सलामत रहता है।

अगर आपके पेअर ऊंची एड़ी के जूतों का दबाव झेल ना पाए तो यह दबाव शरीर के अन्य अंगों को ही झेलना पड़ेगा। कई बार ऐसा होने पर हमारे गर्दन की मांसपेशियां कड़ी हो जाती है और इनमें सूजन आ जाती है।

आपके पैर प्रतिदिन बहुत सारा भार लेकर चलते हैं, इसलिये आपको जूते का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि वे आपके शरीर को अच्छा बनाये रखें।  महिलाओं की ऊंची एड़ियों के जूते गलत जैविक संरचना बनाते है और अनावश्यक तनाव आपके एड़ियों, जोड़ों, कूल्हों और लगभग पूरी रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। क्या एक व्यक्ति कल्पना कर सकता है कि उसके अंगूठे कितने शरीर के दबाव में पिस रहे हैं।

सिर से लेकर पैर तक आपके शरीर में बहुत सारे अंगों की श्रृन्खलायें है जो एक दूसर पर निर्भर करती है जिसमें एक पुर्जे का व्यवहार दूसरे पुर्जे को प्रभावित करता है। कई बार ऊंची एड़ियों के पहनावे के कारण गर्दन में कड़ापन और तंत्रिकीय प्रभाव होता हैं जो लगातार होने वाले दर्द में बदल जाता है। पुरूषों की तुलना में महिलाओं को ऊंची एड़ी के सैंडल के कारण ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।

पैरों में दर्द के कारण – यहाँ पर कुछ सलाह है जिससे आपके पैर सही रहेंगे (Here are some suggestions on how to properly manage your foot)

फटी एड़ियों का इलाज कैसे करें

  • पैरों में दर्द के कारण, जहाँ तक सम्भव हो ऊंची एड़ी के सैंडल को पहनने से बचें।
  • जब भी आप जूते खरीदे तो दोपहर या शाम के समय खरीदें, इस समय तक आपके पैर कुछ बड़े हो जाते हैं इससे आपके पैर के अंगूठे बड़े होने पर भी आसानी से जूते में आ सकते हैं।
  • आप अपने अंगूठे को हर बार जूते खरीदते समय नाप लें और खड़े होकर नापें। मोटे मोजे को अंदेखा न करें।
  • खरीदते समय दोनों पैर के जूतों को नापें कभी कभी एक पैर दूसरे पैर से बड़ा होता है।
  • मोटापा आपके पैरों पर, पैरों के जोड़ों और रीढ़ के जोड़ों पर ज्यादा तनाव देता है।
  • प्रसंस्करित खाद्यों को कम से कम खायें, पौध आधारित आहार शरीर के रक्त संचार को बढ़ाता है- यह आपकी कोशिकाओं को अतिरिक्त पोषण देता साथ ही अपशिष्ट पदार्थों को भी शरीर के बाहर भेज देता है।
  • आपका पैर अन्य शरीर के अंगों की तुलना ज्यादा मूल्य चुकाते हैं जब भी महिलायें ऊंची एड़ी की सैंडल पहनती हैं।

दुष्प्रभाव (Adverse effects)

पैरों में दर्द – पैरों में लम्बे समय की समस्या (Chronic foot problem)

कुछ समय के बाद आपको पैरों और पीठ में दर्द शुरू हो सकता है। यह कई अन्य समस्याओं जैसे अंगूठे में दर्द, प्लांटर फैसिटिस, गोखुरू, हैलक्स वाल्गस हो सकता है।

शरीर के गुरूत्व केंद्र में बदलाव (Shift of body’s centre of gravity)

जब भी आप एड़ियों पर खड़े होते हैं तो शरीर का गुरूत्व केंद्र आगे बढ़ जाता है। आप विश्वास नहीं करेंगे कि 1 इंच एड़ी आपके शरीर को 10 डिग्री आगे कर देती है। शरीर के सभी अंग इस बदलाव के लिए तैयार नहीं रहते हैं।

आर्क में कठिनाई (Straining arch)

कुछ लोगों का उद्देश्य होता है कि ज्यादा से ज्यादा ऊंची एड़ियों को पहनें। उनके अनुसार, ज्यादा इंच महिलाओं को ज्यादा आकर्षक बनाता है। उदाहरण के लिये अगर आप 3 इंच ऊंची एड़ी को पहनते है तो यह अंगूठे में ज्यादा मोड़ को देगा और साथ ही आपके आर्क में ज्यादा खिंचाव देगा।

लिगामेंट में कमजोरी (Weakening ligament)

घरेलू चिकित्सा द्वारा खिलाडियों के पैरों की सुरक्षा

जब भी आप ऊंची एड़ी के जूते पहनते हैं तो आर्क पर जोर पड़ता है और लिगामेंट में कमजोरी होती है। समय के साथ महिलाओं के गिरने का भी डर बढ़ जाता है। ध्यान देने की बात है कि आर्क झटका सहने की शक्ति देता है।

पिंडलियों की मांसपेशियों का छोटापन (Shortening of calves muscles)

ऊंची एडियों को अधिक देर तक पहनना पिंडली की मांसपेशियों को छोटा कर देगा जैसे ही आप ऊंची एड़ियों को बढ़ाना शुरू करते है पिंडलियों में बदलाव शुरू हो जायेगा।

टखने आगे की ओर मुड़ जाते हैं (Ankles bend forward)

जब आप ऊँची एड़ी के जूते पहनती हैं तो इससे आपके पैरों की एड़ियों पर काफी दबाव पड़ता है जिससे आपके टखने आगे की ओर मुड़ जाते हैं। अगर ऐसा नियमित तौर पर होता रहा तो इससे आपके पैरों में मोच भी आ सकती है। ऐसी स्थिति आने पर आपके पैर के निचले भाग में रक्त का संचार भी ठीक से नहीं हो पाता है।

गिर जाने का ख़तरा (Chances to fall down)

जूतों की दुकानों पर रखे ऊँची एड़ी के जूते देखते ही उन्हें खरीद लेने का मन करता है। पर अगर आपने पहले कभी ऊँची एड़ी के जूते नहीं पहने हैं तो यह आपके लिए काफी हानिकारक सिद्ध हो सकता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें हड्डियों के विशेषज्ञों ने ऊँची एड़ी के जूते पहनने के फलस्वरूप टखने की हड्डी के अव्यवस्थित होने की समस्या का समाधान किया है। जिन महिलाओं ने जीवन में कभी भी ऊँची एड़ी के जूते नहीं पहने,  उन्हें इन्हें पहन लेने के बाद गिर जाने का डर रहता है, जिसके फलस्वरूप उनकी हड्डियां टूटने और टखने अव्यवस्थित होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे जूते पहनकर टाइल्स (tiles) जैसी चिकनी सतह पर ना चलें।

ओस्टीयोआर्थराइटिस होने का ख़तरा (Chance of getting osteoarthritis)

ऊँची एड़ी के जूते पहनने से एक महिला के घुटनों पर काफी नकारात्मक असर पड़ता है। इससे आपके घुटनों की हड्डी पर अनजाने में ही काफी अतिरिक्त भार पड़ने लगता है। इसके अलावा ऊँची एड़ी के जूते पहनने से घुटनों के अंदरूनी भाग को भी काफी नुकसान पहुंचता है। इससे आपकी हड्डियों और मांसपेशियों के बुरी तरह प्रभावित होने और घिसते रहने का ख़तरा बना रहता है। रोज़ाना ऊँची एड़ी के जूते पहनने के फलस्वरूप ज़्यादातर महिलाएं 50 वर्ष की उम्र पार करते ही ओस्टीयोआर्थराइटिस की शिकार हो जाती हैं।

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