How lemongrass is useful for beauty and health benefits – लेमन ग्रास के स्वास्थ्यवर्धक गुण, लेमन ग्रास के प्रयोग से बढ़ाए खूबसूरती

लेमन ग्रास घास की ही तरह दिखने वाला एक पौधा है जिसमें नींबू की तरह खुशबू होती है। कई एशियन व्यंजनों में इसके फ्लेवर का इस्तेमाल भोजन को महक प्रदान करने के लिए किया जाता है। यह कैंसररोधी और दर्दनाशक के रूप में जाना जाता है।

लेमनग्रास के फायदे हिन्दी में (Health benefits of lemongrass)

लेमन ग्रास एसेंशियल ऑइल के Essential oils

विभिन्न तरह के लेमन ग्रास की मदद से लगभग सात तरह के लेमन ग्रास तेल का निर्माण किया जाता है जिसका प्रयोग भोजन का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। सिट्रल (Citral) के नाम से प्रसिद्ध एसेंशियल ऑइल में नींबू की तेज खुशबू होती है। इसी तरह एक अन्य एसेंशियल ऑइल लेमोनिज़ में हल्की लेकिन मनमोहक खुशबू होती है जिसका प्रयोग कॉस्मेटिक्स में किया जाता है। कुछ खास तरह के ऑइल के रूप में जेरेनियाल, सिट्रोनेलॉल और  बोरेनिओल लेमन ग्रास में मौजूद होते हैं जो कीट पतंगों को दूर रखने का काम करते हैं। इन एसिन्शियल ऑइल के अलावा इसमें कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं जो ज्वलनरोधी, दर्दनाशक और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं।

लेमन ग्रास में मौजूद पोषक तत्व (Nutrients in Lemon grass)

एरोमेटिक होने के साथ साथ लेमन ग्रास में कई और भी पोषक तत्व होते हैं जो कई तरह से शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। दैनिक रूप से ज़रूरी पोषक तत्वों के रूप में इसमें विटामिन सी, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी6 के अलावा भी कई और पोषक तत्व पाये जाते हैं। लेमन ग्रास की एक चम्मच की मात्रा में एक दिन के लिए ज़रूरी पोटेशियम, फोलेट, जिंक, मैंगनीशियम और फास्फोरस का लगभग एक प्रतिशत हिस्सा उपस्थित होता है। इतनी ही मात्रा में लगभग 5 प्रतिशत आयरन भी पाया जाता है जो स्त्री व पुरुष दोनों के ही लिए दैनिक रूप से इतनी मात्रा में लिया जाना ज़रूरी है। लेमन ग्रास के तीन से चार पत्तों को काटकर आधे कप की मात्रा को मछली या मांस के किसी व्यंजन में मिलाकर पकाएँ। इसे चिकन या किसी सब्जी के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैंसर से बचने के लिए लेमन ग्रास का प्रयोग (lemon Grass treatment to Prevent Cancer)

साल 2012 में एक शोध के परिणाम के फलस्वरूप यह दावा किया गया है कि, इसमें एक तरह का फ्लेवोनोइडयुक्त तत्व होता है जो सूजन या उत्तेजना को कम करने की क्षमता रखता है। शरीर में कैंसर कारक कोशिकाओं के विकास को यह कम करता है इस तरह लेमन ग्रास कैंसररोधी माना जाता है।

यह फेंफड़ों के संक्रमण, किसी तरह की गंभीर फेफड़े से जुड़ी क्षति इत्यादि में भी यह असरकारक होता है। लेमन ग्राम में मौजूद खास तेल कैंसर कारक कोशिकाओं की वृद्धि को कम करते हैं और उन्हें बढ़ने नहीं देते, इसके अलावा यह ब्रेस्ट कैंसर और लीवर कैंसर से बचने में भी सहायक होते हैं।

लेमन ग्रास या मालाबार घास के घरेलू उपाय (How to use lemongrass/Leman grass ka prayog kaise kare : Tips to prepare Lemongrass Recipe)

लेमन ग्रास का प्रयोग भोजन पकाने के साथ करने के लिए इसकी पत्तियों को नीचे से काट लें। इसके शुष्क सिरे को काट कर अलग कर लें और आवश्यकता के अनुसार हिस्सा प्रयोग करें। अगर आप चिकन बनाने जा रहे हैं और उसका स्वाद बढ़ाना चाहते हैं तो चिकन में ऑलिव ऑइल के साथ लहसुन, चिली फ्लैक्स और सोय सॉस के अलावा लेमन ग्रास भी चॉप कर मिलाएँ। इससे चिकन का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है।

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लेमन ग्रास से शरीर की दुर्गंध कम करने के उपाय (Lemon Grass ke gharelu upay Hindi me – Reduces body odor)

शरीर से आने वाली दुर्गंध बहुत तेज और अजीब होती है इससे बहुत से लोगों को परेशानी होती है। हमारे देश में लगातार एक तरह के मौसम और आर्द्रता की वजह से पसीने की गंध में भी बदलाव और इजाफा हो सकता है जो एक आम बात है। कई ब्यूटी एक्सपर्ट अपने द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कॉस्मेटिक्स में लेमनग्रासयुक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा लेमन ग्रास में दुर्गंध नाशक क्षमता भी होती है। आप सिंथेटिक डीओडेरेंट्स की जगह लेमन ग्रास युक्त सेंट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जो आजकल आसानी से बाज़ार में उपलब्ध है। इसमें मौजूद साइट्रस तत्व ही इसे खुशबूदार बनाता है।

नई माँओं के लिए लेमन ग्रास के फायदे (Lemon Grass Benefits in Hindi for new mothers)

ऐसी महिलाएं जो अभी अभी ही माँ बनी हैं उनके लिए यह एक बहुत ही उपयोगी है। लेमन ग्रास में मौजूद कुछ खास तत्वों से माँ के दूध में वृद्धि होती है और पहले ही बताया जा चुका है कि इसमें बिमारियों से लड़ने की क्षमता के साथ एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुण भी उपस्थित होते हैं। यह बच्चे को बिमारियों से दूर रखकर स्वस्थ रहने में मदद करता है। दिन में 1 से 2 बार तक इसे चाय के रूप में लिया जा सकता है। ध्यान रहे कि यह माँ का दूध बढ़ाने में मदद करने वाला बेहतरीन उपाय है । नई माताओं के द्वारा इसका इस्तेमाल तो किया जा सकता है लेकिन प्रेग्नेंसी या गर्भधारण कर चुकी महिला को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

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