Top ten reasons for dry cough – सूखी खांसी के दस प्रमुख कारण

ठंड लग जाने की वजह से होने वाली एक समस्या है, सूखी खांसी। सूखी खांसी या ड्राय कफ़ (Dry Cough) एक ऐसी समस्या है जो परेशानी के साथ स्वभाव को चिड़चिड़ा बना देता है। खांसी मुख्यतः दो तरह की होती है सूखी खांसी और गीली खांसी। अगर हम दोनों की तुलना करें तो पाएंगे कि सूखी खांसी अधिक कष्टदायक और परेशानी भरी होती है। सूखी खांसी के अनेक कारण हो सकते हैं जिनमें वायरल, सर्दी जुकाम और बुखार प्रमुख हैं।

सूखी खांसी का एक प्रमुख कारण अस्थमा या दमा भी हो सकता है। एलर्जी भी सूखी खांसी की एक वजह है। भिन्न भिन्न कारणों से होने वाली सूखी खानी के प्रकार भी भिन्न हो सकते हैं। अगर आप लगातार लंबे समय तक प्रदूषण वाली जगह पर काम करते हैं तो भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।

सूखी खांसी के दस प्रमुख कारण हिन्दी में (Top 10 reasons for dry cough in Hindi)

अस्थमा (Asthma) 

अस्थमा से पीड़ित मरीजों को सूखी खांसी की समस्या कुछ खास लक्षणों के साथ दिखाई देती है। इसमें सांस लेने में तकलीफ, नींद में व्यवधान और सांस लेते समय सीटी बजने जैसी आवाज सुनाई देती है।

वायरल के बाद होने वाली सूखी खांसी (Post viral)

कई बार सूखी खांसी वायरल इन्फेक्शन की वजह से होती है। जब आपका शरीर लंबे समय तक किसी वायरल इन्फेक्शन से मुक़ाबला करता है तो सुधार के दौरान यह सूखी खांसी वायरल के साइड इफेक्ट के रूप में दिखाई देती है। इस अवस्था में गले में सूखे बलगम के अटके रहने जैसा एहसास होता है। इसके अलावा गले में सूजन, जलन और स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आ जाता है।

सीने में जलन (Heartburn)

इस अवस्था में रोगी के गले से होता हुआ बलगम मुंह के रास्ते बाहर निकलता है और सूखी खांसी की शिकायत होती है। इसमें मुंह का स्वाद अम्लीयता लिए हुये होता है। इसमें गले में जलन और खुजली भी महसूस होती है, इसके उपचार के लिए एक अतिरिक्त तकिये का प्रयोग किया जा सकता है जो सोते समय होने वाली सूखी खांसी में राहत देता है।

दवाओं से होने वाली खांसी (Medication cough)

सूखी खांसी कुछ खास दवाओं की भी देन हो सकती है। बलगम या सर्दी जुकाम की दवाओं के लेने के बाद होने वाली सूखी खांसी ऐसी ही कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव होती हैं, जिसमें अन्य समस्या तो ठीक हो जाती है लेकिन इसके अंत में सूखी खांसी बनी रहती है।

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काली खांसी (Whooping cough)

सूखी खांसी उन लोगों में भी दिखाई देती है जो पहले से ही काली खांसी (Whooping cough) के मरीज होते हैं। यह काली खांसी का एक प्रमुख लक्षण है जिसमें खाँसने के दौरान एक खास किस्म की आवाज निकलती है। इसे आम भाषा में कुकुर खांसी भी कहते हैं जो एक बहुत तेजी से संक्रमित होने वाली बिमारी है।

क्षय या राजयक्ष्मा रोग (Tuberculosis)

इसे आम बोलचाल की भाषा में टीबी रोग भी कहते हैं जिसमें सूखी खांसी एक सामान्य लक्षण है। यह संक्रमणजनित रोग है जो अधिकतर 40 या उससे ऊपर की उम्र के लोगों को प्रभावित करता है।

फेंफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)

फेंफड़ों के कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को यह समस्या अक्सर ही होती है। रोग के दौरान यह लक्षण कम से कम तीन हफ्तों तक मरीज में दिखाई देता है। बिमारी के दौरान यह समस्या बहुत तकलीफदेह और कष्टदायी होती है।

धूम्रपान (Smoking)

ऐसे लोग जो अत्यधिक धूम्रपान करते हैं उन्हें भी सूखी खांसी की समस्या का सामना करना पड़ता है। स्मोकिंग की आदत और उससे होने वाली सूखी खांसी की समस्या, दोनों ही एक बड़ी समस्या का कारण बन सकते हैं।

हृदय रोग (Heart problem)

प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में कोई न कोई समस्या हो सकती है जिसकी वजह से सूखी खांसी एक लक्षण के रूप में उभर कर आती है। हृदय रोग में भी सूखी खांसी एक प्रमुख लक्षण है।

पल्मोनरी एम्बोलिस्म (Pulmonary embolism)

पल्मोनरी एम्बोलिस्म एक ऐसी स्थिति हिय जिसमें रक्त के थक्के नलिकाओं को बाधित करते हैं जिसकी वजह से ड्राय कफ़ की शिकायत होती है।

प्रदूषण (Pollutants)

आस पास का वातावरण हमारे शरीर पर बहुत अधिक प्रभाव डालता है। अगर हम किसी ऐसे इलाके में रहते हैं जहां लगातार प्रदूषण की समस्या बनी हुई है तो यह तकलीफ पैदा हो जाती है, अधिकांश लोगों में सूखी खांसी, इंडस्ट्रियल एरिया में रहने की या काम करने की वजह से होती है।

एलर्जी (Allergies)

हम में से बहुत से लोगों को कई तरह की चीजों से एलर्जी होती है जिनमें, पराग कण, धूल, धुआँ घास या कुछ खास किस्म के पेड़ आदि शामिल हैं। पशुओं के बाल या फ़र आदि की वजह से भी कई लोगों में संवेदनशीलता पाई जाती है।

एसिड रिफ्लक्स (Acid reflux)

एसिड रिफ्लक्स भी सूखी खांसी की एक प्रमुख वजह है। अडवांस रिसर्च के द्वारा इस बात की पुष्टि की गई है कि ड्राई कफ़ की एक प्रमुख वजह शरीर में अम्लीयता का उच्च स्तर भी हो सकता है।

तनाव (Stress)

बहुत से लोग काम या अपनी निजी कारणों से लंबे समय तक तनाव में रहते हैं जिसकी वजह से ड्राय कफ़ एक जटिल समस्या के रूप में सामने आता है। चिंता और तनाव में लंबे समय तक रहने से साँसों में उथाल आता है जो सूखी खांसी की समस्या को जन्म देती है।

गले में अतिरिक्त दबाव (Strain and pressure on throat)

कुछ खास तरह के पेशे में इस तरह की समस्या आती है, जिसमें गले पर अतिरिक्त तबाव या तनाव बनाना पड़ता है, खास तौर पर यह समस्या शिक्षकों या प्रोफेसरों को अधिक होती है जिसमें ऊंची आवाज में लंबे समय तक बोलना पड़ता है।

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