बायो ऑयल के फायदे और नुकसान – Bio-oil benefits and side effects in Hindi

क्या आप त्वचा पर खिंचाव के निशान (stretch marks) और असमान टोन से परेशान हैं? तो आप सही जगह पर आये हैं। आपकी इस समस्या के लिए बायो ऑयल एक अच्छा समाधान है। बायो ऑयल त्वचा की देखभाल के लिए बनाया गया एक उत्पाद है। इसका मुख्य घटक है पर्सल्लिन तेल जो त्वचा की समस्याएँ, ड्राई स्किन और बढती उम्र का त्वचा पर असर कम करने के लिए प्रभावी ढंग से काम करता है। खास तौर पर प्रेगनेंसी के बाद पेट के निचले हिस्से में जो दाग या स्ट्रेच मार्क्स बन जाते हैं वो देखने में बहुत अजीब और भद्दे लगते हैं। बायो ऑयल की मदद से ऐसे दागों को मिटाया जा सकता है। त्वचा के अलावा बायो ऑयल के फायदे होंठो पर भी होते हैं। अगर आपके होंठों का रंग गहरा है और होंठ रूखे और सूखे रहते हैं तो बायो ऑयल की नियमित मालिश से होंठो को पर्याप्त नमी देकर उन्हें मुलायम और गुलाबी बनाया जा सकता है।

क्या है बायो ऑयल (What is bio oil?)

बायो ऑयल त्वचा की देखभाल के लिए बनाया गया उत्पाद है। यह मुख्यतः स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए बनाया गया था। लेकिन केवल स्ट्रेच मार्क्स ही नहीं, यह अन्य कई तरीकों से भी प्रयोग में लाया जा सकता है। बायो ऑयल का प्रयोग होठों को पोषित करने के लिए, कोहनी और हाथों के रूखेपन को दूर रखने के लिए किया जाता है। बायो ऑयल का निर्माण कई तरह के विभिन्न-विभिन्न तत्वों द्वारा किया जाता है। ये तत्व मानव शरीर के काफी ज्यादा लाभकारी होते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए कई प्रयोगों में यह पाया गया कि बायो ऑयल को त्वचा पर लगाने से त्वचा में आश्चर्यजनक बदलाव आते हैं और त्वचा में नमी आ जाती है।

बायो ऑयल के इंग्रीडिएंट (Ingredients of bio oil)

बायो ऑयल को सन् 2003 में लांच किया गया था। इसे बनाने में कई तरह के महत्वपूर्ण तत्वों का इस्तेमाल किया गया है। ये तत्व इंसान के शरीर को काफी फायदा पहुंचाते हैं और खास तौर पर त्वचा की जरूरतों को पूरा करते हैं। बायो ऑयल की खासियत है कि अन्य तरह के सभी तेलों से ज्यादा हल्का महसूस होता है। ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि जिन पदार्थों से बायो ऑयल को बनाया गया है वे पदार्थ वसाहीन पदार्थ होते हैं और उनमें फैट केवल नाम मात्र ही होता है। पैराफ़िनाम लिक्विड, आईसोप्रोपिल पैल्मीटेट, त्रिसोनोनिकन, केटेर्ली एक्सीएक्सनोट, ग्लिसरीन, ब्यूट्रोस्पर्म परकी बटर, एक्वा, सोडियम पीसीए, लिनोलिक एसिड, कई तरह के फूलों का तेल और कुछ पत्तियों के तेल वो तत्व हैं जिनसे बायो ऑयल को बनाया जाता है। इन सभी तत्वों में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है। गौरतलब है कि विटामिन ए को त्वचा के लिए काफी ज्यादा अच्छा माना गया है। इसमें मौजूद अन्य मुख्य तत्व विटामिन E, लेवेंडर ऑयल, रोजमेरी, कैलेंड़ूला शामिल हैं।

बायो ऑयल कैसे काम करता है (How bio oil works?)

बायो ऑयल में कई तरह के विटामिन और पोषक तत्व मौजूद होते हैं। बायो ऑयल को त्वचा पर लगाने के बाद ये तत्व कोशिकाओं के अंदर जाकर उनकी मरम्मत करते हैं और मृत कोशिकाओं को हटा देते हैं। ये तत्व स्ट्रेचिंग मार्क्स को कोशिकाओं से ढक देते हैं जिससे कि स्ट्रेच मार्क्स हट जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि जब हमारे शरीर से मृत कोशिकाएं हट जाती हैं तब शरीर वहां नई कोशिकाओं का निर्माण करता है। हमारा पूरा शरीर कोशिकाओं से बना है और स्ट्रेचिंग मार्क्स भी कोशिकाओं का ही हिस्सा होते हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर काफी तेजी से अपने आकार में परिवर्तन करता है, और फूलने लगता है जिससे कि गर्भ के दौरान शिशु के बढ़ने के कारण तनाव न हो। शिशु के जन्म के बाद जब शरीर दुबारा अपने आकार में वापस आता है, तब अचानक तेजी से हुए इस परिवर्तन के कारण महिलाओं के पेट, कूल्हों, जांघों और हाथों पर खिंचाव के निशान आ जाते हैं, जिन्हें प्रेग्नेंसी स्कार (pregnancy Scar) या स्ट्रेच मार्क्स कहा जाता है। दरअसल ऐसा सिर्फ महिलाओं के साथ ही नहीं होता है, बल्कि पुरुष भी जब जिम जाते हैं तो उनकी बाजुओं में बढ़ोतरी होती है और तब यह आसानी से देखा जा सकता है कि कंधे के जोड़ों के पास ऐसे ही स्ट्रेच मार्क्स नजर आते हैं। यह निशान शरीर के विभिन्न अंगों में खिंचाव के कारण होते हैं।

इस दौरान सवाल यह भी उठता है कि शरीर में बचपन से हो रहे विकास के कारण ऐसा क्यूँ नहीं होता। ऐसा इसलिए क्यूंकि हमारे शरीर के अंगों में बढ़ोत्तरी केवल एक निश्चित उम्र तक होती है, उसके बाद हमारे शरीर के अंग बढ़ना बंद कर देते हैं और शरीर खुद को विकास के लिए तैयार करना बंद कर देता है। इस दौरान त्वचा को वो पोषक नहीं दिए जाते जिससे कि ऐसे निशान न हो या वे ठीक हो जाएं। ऐसे में बाहर से ही किसी ऐसे पोषक की जब जरूरत पड़ती है, तब बायो ऑयल का प्रयोग किया जा सकता है।

बायो ऑयल के फायदे (Benefits of bio oil)

बायो ऑयल का इस्तेमाल मुख्यतः स्ट्रेच मार्क्स को खत्म करने के लिए किया जाता है, लेकिन बायो ऑयल को अन्य भी कई तरह से त्वचा के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद मुख्य तत्व पर्सल्लीन ऑयल है जो कि त्वचा की समस्याएं, ड्राई स्किन और बढ़ती उम्र का त्वचा पर असर कम करने के लिए प्रभावी ढंग से काम करता है। चाहे प्रेग्नेंसी के दौरान बने स्ट्रेच मार्क्स हो या सर्दियों में सूखे होंठ हो, बायो ऑयल का इस्तेमाल करने से त्वचा को हमेशा मदद मिलती है। गौरतलब है कि बायो ऑयल में कोई प्रेसर्वेटिव नहीं होता है और ये सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपलब्ध है। बायो ऑयल के सभी फायदे नीचे दिए गए हैं।

बायो ऑयल से मिटाए स्ट्रेच मार्क्स (Remove stretch marks with Bio Oil)

बायो ऑयल गर्भावस्था के बाद के निशान कम करने, चेहरे और शरीर की झुर्रियों वाली त्वचा और बढ़ती उम्र की त्वचा पर भी असर करता है। बायो ऑयल का प्रयोग करने का यह फायदा है कि इसे काफी हल्के और वसाहीन घटकों से बनाया गया है जिस कारण यह काफी जल्दी अवशोषित हो जाता है। यह अवशोषित हो जाने के बाद अन्य तेलों की तरह कोई अवशेष भी नहीं छोड़ता।

कोहनियों पर करें इस्तेमाल (use on elbow)

बायो ऑयल विटामिन A का एक समृद्ध स्रोत है, इस कारण बायो ऑयल रूखी कोहनियों को काफी बेहतरीन रूप से नर्म बनाता है। बायो ऑयल का फायदा उठाने के लिए इसे रूखी कोहनियों पर लगाया जा सकता है।

नहाने के बाद शरीर पर लगाएं (Use after bath)

नहाने के बाद आपने पाया होगा कि शरीर में नमी खत्म होने के कारण शरीर रूखा नजर आता है। यह रूखापन बायो ऑयल द्वारा हटाया जा सकता है। नहाने के तुरन्त बाद, बायो ऑयल को पूरे शरीर पर लगा लें।

बायो ऑयल से चमकाएं चेहरा (Use on face)

बायो ऑयल चेहरे के लिए भी काफी मददगार है। चेहरे पर लगाते वक़्त केवल 2 बूंद का ही इस्तेमाल करें।

फ़ाउंडेशन के साथ बायो ऑयल का इस्तेमाल करें (Thinning foundation)

बायो ऑयल का प्रयोग फ़ाउंडेशन के साथ भी किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए अपने फ़ाउंडेशन के साथ बायो ऑयल को मिला ले और वह काफी ज्यादा पतला हो जाएगा।

तनाव दूर करें (Remove stress)

आजकल की जीवनशैली में तनाव हम सबके जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लेकिन यह आश्चर्यजनक है कि बायो ऑयल तनाव में भी हमारी काफी मदद करता है। बायो ऑयल के प्रयोग से आपको मानसिक शांति मिलेगी। इसके लिए आप बायो ऑयल को अपनी नब्ज (veins) के ऊपर थोड़ा सा रगड़ दें।

सेलयूलाइट कम करें (Reduction of Cellulite)

सेलयूलाइट आपकी सुंदरता में एक बदनुमा दाग की तरह होता है और हर व्यक्ति चाहता है कि उसे सेलयूलाइट से निजात मिल जाए। बायो ऑयल ऐसा करने में आपकी मदद करता है। बायो ऑयल की थोड़ी सी मात्रा हर सुबह अपने पैरों पर पर ऊपर की ओर करने से सेलयूलाइट काफी हद तक कम हो जाता है।

बायो ऑयल से काले घेरे हटाएं (Reduction of dark circles)

सारा दिन फोन और कंप्यूटर पर काम करने से हमारी आँखों में थकान हो जाती है। इस थकान को आंखों के नीचे पनपते काले घेरे से देखा जा सकता है। बायो ऑयल के फायदे यहां भी मौजूद हैं। इसके प्रयोग से आप थकी हुई आँखों की समस्या को अलविदा कह सकते हैं। आँखों के नीचे काले धब्बे को दूर करने के लिए बायो ऑयल का प्रयोग करें।

होठों पर प्रयोग करें (Use on lips)

सर्दियों में औसतन कोई भी व्यक्ति ज्यादा पानी नहीं पीता जिस कारण अक्सर होठों में नमी कम हो जाती है और वो रूखे पड़ जाते हैं। ऐसे में बायो ऑयल का प्रयोग होंठों पर भी किया जा सकता है।

फेशियल करें (Use for facial)

बायो ऑयल का प्रयोग फेशियल करने के लिए भी किया जा सकता है। बायो ऑयल की कुछ बूंदे लेकर उन्हे पानी में मिलाएँ एवं पांच मिनट बाद चेहरे को धूल लें। बायो ऑयल से चेहरा धुलने पर चेहरे में बदलाव नजर आएंगे और मृत कोशिकाएं निकल जाएंगी।

शेविंग के दौरान (Use in shaving)

कई बार पुरुषों के साथ यह शिकायत होती है कि शेविंग करने के बाद उनके चेहरे की त्वचा काफी रूखी हो जाती है लेकिन बायो ऑयल के प्रयोग से चेहरे में नमी बनी रहती है।

नाखून को पोषित करें (Use on nails)

बायो ऑयल का प्रयोग नाखूनों पर करने से नाखूनों की सुंदरता बनी रहती है और वे सफेद नहीं पड़ते।

एंटी एजिंग के लिए बायो ऑयल (Use to stop aging)

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा रूखी होने लगती है और त्वचा की नमी खत्म हो जाती है। बायो ऑयल का प्रयोग करने से इससे निजात पाया जा सकता है।

बालों के लिए (For Hairs)

गौरतलब है कि झड़ते बालों का मुख्य कारण बालों से गायब नमी होती है। बायो ऑयल का प्रयोग बालों के लिए भी किया जा सकता है। बायो ऑयल की मदद से झाड़ते हुए बालों को मदद मिलती है और रूखे बालों में नमी आती है।

बायो ऑयल के नुकसान (Bio oil ke nuksan)

बायो ऑयल एक लाभकारी पदार्थ है और इसे प्रयोग करने से त्वचा को काफी मदद मिलती है। वहीं अगर इसका सही तरह से उपयोग न किया जाए तो यह हानिकारक भी साबित हो सकती है। जैसे हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों ही होते हैं उसी तरह बायो ऑयल के भी कुछ नुकसान भी हैं।

बायो ऑयल के नुकसान यानी कि (side effects) नीचे लिखे गए हैं-

  1. बायो ऑयल का पहला नुकसान या साइड इफैक्ट यह है कि यदि आप इसका अत्यधिक मात्रा में प्रयोग करेंगे तो यह हानिकारक हो सकता है। ऐसा देखा जाता है कि किसी भी चीज को अगर हम ज्यादा प्रयोग करते हैं तो वह चीज फायदे की जगह पर नुकसान करती है।
  2. बायो ऑयल को त्वचा पर लगाते वक़्त यदि आपका त्वचा कटी फटी या फिर क्षतिग्रस्त है तो यह नुकसान कर सकता है। जैसा कि यह जगजाहिर है कि बायो ऑयल शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन यह फायदा तभी देखने को मिल सकता है, जब इसे सही तरह से प्रयोग किया जाए। इसे यदि त्वचा के बाहर से प्रयोग किया जाए तो यह फायदेमंद है, वर्ना शरीर के अंदर जाने के बाद यह काफी ज्यादा नुकसान कर सकता है।
  3. बायो ऑयल होंठों के लिए काफी ज्यादा कारगर होता है लेकिन इसे होंठों पर लगाते वक़्त इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि यह आपके मुख के द्वारा आपके शरीर में प्रवेश न करें। गौरतलब है कि यह आप जानते ही होंगे कि सामान्य तेल भी यदि पेट के अंदर चला जाएगा तो वह पाचन तंत्र को कमजोर और बीमार कर सकता है। चूंकि बायो ऑयल सामान्य तेल से ज्यादा प्रभावी है इसलिए इसका पेट के अंदर जाना नुकसान दायक हो सकता है।
  4. बायो ऑयल को प्रेग्नेंसी के बाद स्ट्रेच मार्क्स हटाने के लिए किया जाता है। प्रेग्नेंसी के तुरंत बाद ही ब्रेस्टफ़ीडिंग भी करनी होती है। इस कारण बायो ऑयल का प्रयोग स्तनों पर निर्देश अनुसार करना चाहिए और निप्पल्स पर इसका प्रयोग न ही करें। चूंकि बायो ऑयल ऐसे पदार्थों से मिलकर बना है, जो पेट के लिए हानिकारक हैं, इसलिए यह बच्चे के पेट मे जाने पर नुकसान पहुंचा सकता है।

बायो ऑयल का प्रयोग कैसे करें (How to use bio oil)

बायो ऑयल के बारे यह जगजाहिर है कि यह काफी ज्यादा मददगार है और त्वचा के लिए चमत्कारी रूप से काम करता है। लेकिन बायो ऑयल का प्रयोग करते वक़्त निर्देशों का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए। गौरतलब है कि निशान कम करने के लिए बायो ऑयल तीन महीने तक लगातार दो बार लगाएं। बायो ऑयल उंगलियों पर लेकर निशान पर मालिश करें। बायो ऑयल में सन स्क्रीन न होने के कारण इसके अवशोषित होने के बाद सन स्क्रीन लगाएं। टूटी और कटी फटी त्वचा पर बायो ऑयल का प्रयोग न करें।

बायो ऑयल के इस्तेमाल के दौरान बरतें ये सावधानियां (Prevention during using bio oils)

बायो ऑयल एक प्राकृतिक तत्वों पर मिलाकर बनाया गया तत्व है। यदि इसका प्रयोग सही ढंग से किया जाए तो यह त्वचा के लिए काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकता है, लेकिन वहीं यदि इसके प्रयोग के दौरान जरा सी भी चुक हुई तो यह असर नहीं करेगा और ऐसा भी हो सकता है कि यह गलत रिएक्शन भी हो जाये।

  • बायो ऑयल एक प्राकृतिक उत्पाद है। जब तक आप इसको पूरा मन लगाकर और लगातार प्रयोग में नहीं लाएंगे तब तक आपको अपनी त्वचा या प्रयोग किए गए स्थान पर कोई असर देखने को नहीं मिलेगा। सौंदर्य उत्पादों के उलट सबसे ज्यादा कार्यशील प्राकृतिक उत्पादों की मदद से भी फायदा प्राप्त करने के लिए आपको इनका प्रयोग करने के लिए, आपको इनका प्रयोग सही प्रकार से और रोजाना करना पड़ता है। अतः अगर आप इस तेल को लेकर गंभीर हैं तो इसका प्रयोग ध्यानपूर्वक, निश्चित मात्रा में एवं लगातार करें। ऐसा करने पर परिणाम अवश्य देखने को मिलेंगे।
  • ऐसा दावा किया जाता है कि इसमें मौजूद प्राकृतिक तेल की मात्रा की वजह से बायो ऑयल चेहरे के मुहांसों और बार बार होने वाले दाग धब्बों को जड़ से दूर रखने की काबिलीयत रखता है। लेकिन एक बात यहाँ पर ध्यान देने वाली है कि एक्ने (acne) और मुहांसे भिन्न भिन्न प्रकार के होते हैं। शायद उनका सही उपचार बायो ऑयल न हो। अतः अगर आपके चेहरे पर 1 या 2 मुहांसे हुए हैं तो आप जरूर ही बायो ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं, पर अगर आपको त्वचा पर गंभीर रूप से Acne का प्रभाव हुआ है तब इसका इस्तेमाल उतना प्रभावी साबित नहीं होगा। ऐसे मौके पर डॉक्टर से परामर्श लिया जा सकता है।
  • बायो ऑयल का प्रयोग अपनी त्वचा पर आपके चेहरे पर टैनिंग (tanning) होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अतः इस तेल का प्रयोग करने के बाद धूप मे निकलने से परहेज करें। जब भी आप बायो ऑयल का प्रयोग कर रहे हों तो यह बात सुनिश्चित कर लें कि रात के समय भी अपनी त्वचा पर सनक्रीम की अच्छी खासी मात्रा लगाकर निकलें। ऐसा न करने पर आपकी त्वचा को टैनिंग का सामना कर पड़ सकता है।

बायो ऑयल के परिणाम देखने के लिए कितनी देर लगती है (How long before people will start to seeing result)

बायो ऑयल के प्रयोग के दौरान, जो निशान नए होते हैं वे काफी जल्दी कम हो जाते हैं, लेकिन पुराने बने निशानों के साथ ऐसा नहीं होता। वह त्वचा की स्थिति पर ज्यादा निर्भर करते हैं। चेहरे के निशान या असमान टोन जे किए कम से कम चार सप्ताह के किए बायो ऑयल का इस इस्तेमाल करें।

क्या गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बायो ऑयल का उपयोग सुरक्षित है? (Is it safe to use bio oil during pregnancy and breastfeeding)

बायो ऑयल के फायदे गर्भावस्था के दौरान भी होते हैं। गर्भावस्था के दौरान बायो ऑयल दूसरे तिमाही की शुरुआत से लगातार लगाया जाना चाहिए। यह पेट में पल रहे बच्चे को बिल्कुल भी नुकसान नहीं करेगा। स्तन पान के दौरान भी शरीर पर बायो ऑयल का प्रयोग किया जा सकता है। इस दौरान यह ध्यान रखें कि इसे निप्पल पर न लगाएं। यदि कोई संदेह हो तो डॉक्टर से तुरन्त परामर्श लें।

बायो ऑयल कौन इस्तेमाल न करे (Who not to use bio oil) 

जब तक बच्चे पूरे 2 साल के न हो जाएं, तब तक उन पर बायो ऑयल का इस्तेमाल न करें। उनकी त्वचा काफी ज्यादा संवेदनशील होती है और बायो ऑयल काफी बुरा असर डाल सकता है। जब वे 2 साल से बड़े हो जाएं तब उनपर बायो ऑयल का प्रयोग करें।