Signs and symptoms of cervical cancer – सरवाइकल कैंसर के साइन्स और लक्षणों के बारे में जाने

आज के इस दौर पर किसे कब कौन सी बीमारी हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में आजकल सरवाइकल कैंसर नाम की बीमारी भी चिंता का कारण बनी हुई है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी (american cancer society) द्वारा नवीनतम अनुमानों के अनुसार 2016 में गर्भाशय के रोग, सरवाइकल कैंसर के संयुक्त राज्य अमेरिका में 12,990 नए मामले देखने को मिले, जिनमें से 4,120 औरतों की मौत हो गई।

आप ऐसे में ऐसा अंदाजा लगा सकते हैं कि सरवाइकल कैंसर हम महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है, जिसका इलाज प्राथमिक चरण में ना किया जाए तो यह काफी खतरनाक हो सकता है।

सर्वाइकल कैंसर एक सैक्सूवली एक्टिव (sexually active) औरत को आसानी से प्रभावित कर सकता है। हालांकि कई मामलों में यह समस्या मध्ययम उम्र की औरतों को ही हो रखी है। सरवाइकल कैंसर 20 साल से 50 साल के बीच में काफी कम है, वही दूसरी तरफ 20 से 50 साल की महिलाओं को खतरे में नहीं रखा जा सकता है।

सरवाइकल कैंसर मानव पापीलोमावायरस यानि कि एचपीवी (HPV) के रूप  में जाना जाता है। इसका इलाज प्रभावी ढंग से किया जा सकता है और इसका इलाज प्रारंभिक चरण में ही आसानी से किया जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर कोशिकाओं से शुरू होकर गर्भाशय के निचले भाग में जो लाइन होती है, वहां तक होती है। जब इस कैंसर का इलाज ना किया जाए तो यह यह सेल्स (cells) के आस पास फैलने लग जाता है और धीरे धीरे पूरे प्रजनन प्रणाली में फैलने लगता है।

सरवाइकल कैंसर का प्राथमिक चिंता यह भी है कि इस बीमारी के कारण कई सारी मृत्यु भी होती जा रहीं है। इसलिए अगर आपको भी यह बीमारी है तो आप भी लक्षणों को जान लें और इन लक्षणों को जानने के बाद आप इसका इलाज भी करना शुरू कर दें। इस बीमारी के प्राथमिक चरण के दौरान ही आप इसका इलाज कर सकते हैं, इसके लक्षण काफी धीरे धीरे दिखाई देते हैं।

Subscribe to Blog via Email

Join 45,335 other subscribers

आप एकदम से इस बीमारी के लक्षणों को नहीं पकड़ पाएंगे। इसके लक्षण काफी हल्के होते हैं। इसका इलाज अगर प्राथमिक चरण में ना किया गया हो तो ऐसे में उन्नत चरण में इसका इलाज करना काफी मुश्किल हो जाता है और इसका इलाज भी सही तरह से नहीं हो सकता है।

पैरों की नसों की सूजन रोकने के लिए सर्वोत्तम प्राकृतिक सुझाव

ऐसे में हम आपको ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप आसानी से संकेत और रोग के लक्षणों के बारे में वाकिफ होकर अपने यौन अंगों या मासिक धर्म चक्र में किसी तरह का बदलाव देखने को मिलता है, तो ऐसे में तुरंत किसी चिकित्सक की मदद लें। यह संकेत सरवाइकल कैंसर (cervical cancer) के भी हो सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि आप सरवाइकल कैंसर से पीड़ित है इसका पता लगाने के लिए कुछ लक्षणों के बारे में।

  1. अप्रत्याशित योनि से खून बहना (Unexpected vaginal bleeding) – अप्रत्याशित योनि से खून बहना सरवाइकल कैंसर का एक संकेत हो सकता है। अगर आपको ऐसी ही किसी लक्षण का अनुभव अचानक होने लगे तो ऐसे में आप ऐसे में चिकित्सक की मदद ले सकते हैं। संभोग या रजोनिवृति के दौरान बहने वाला खून के पीछे कारण गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लक्षण ही हो सकता है।

हालांकि वजाइना (vagina) से निकलने वाला ब्लड (blood) सरवाइकल कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। आप        चाहे तो ऐसे में अपने प्रसूतिशास्री से संपर्क कर सकती हैं और उनसे इस बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं।

2. असामान्य योनि स्राव (Unusual vaginal discharge) – यह गर्भाशय का कैंसर का आम लक्षण है, आप चाहे तो ऐसे में इस समस्या से लड़ने के लिए चिकित्सक की मदद ले सकते हैं। इस स्राव के दौरान आपकी योनि से बदबूदार पानी या पानी में खून भी मिलकर बह सकता है। इस असामान्य योनि स्राव से छुटकारा पाने के लिए आप आसानी से डॉक्टर से संपर्क कर सकती है और इसका इलाज कर सकते हैं।

यह असामान्य यानि स्राव आमतौर पर पानी की तरह होता है, साथ के साथ इसमें से बदबू भी आती है। यह डिशचार्ज (discharge) हल्का और भारी भी हो सकता है, इसमें खून भी आ सकता है, तो ऐसे में अगर आप ऐसे किसी तरह की समस्या से ग्रस्त हैं तो आप चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें, नहीं तो यह समस्या काफी बढ़ सकती हैं।

3. दर्दनाक संभोग (Painful intercourse se cervical cancer ke signs) – संभोग के समय अगर आपको दर्द होता हो तो ऐसे में यह बात जान लें कि यह गर्भाशय का कैंसर (सरवाइकल कैंसर) का प्राथमिक संकेत हो सकता है। जैसे जैसे यह कैंसर फैलता है, आप आसानी से क्षेत्र को संवेदनशील बना सकते हैं, संभोग के दौरान दर्द होना भी इस बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह दर्द हमारे सरविक्स में असामान्य बदलाव ले आता है और इससे सरवाइकल कैंसर भी हो सकता है।

तो अगर आपको अचानक से संभोग के दौरान दर्द का अनुभव हो तो ऐसे में चिकित्सक से परामर्श लेना ना भूलें। यह एक ऐसा रोग है जो कि चिकित्सक से सही समय पर इलाज करने पर ठीक हो जाता है। इस बीमारी से या दर्द से अकेले ग्रस्त ना हो।

श्रेष्ठ प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही के लिए करने की सूची

4. सर्वाइकल के लक्षण, पैल्विक दर्द (Pelvic pain) – पैल्विक दर्द महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द के जैसा ही होता है, इस दर्द में कभी कबार पीरियड्स से भी बुरा हाल हो जाता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि आपको पेट में जो भी दर्द हो वह सरवाकल के कारण ही हो, ऐसा कहना गलत होगा। हालांकि अगर आप असामान्य समय पर लंबी अवधि के लिए पैल्विक दर्द का अनुभव करने लगे तो ऐसे में आप चिकित्सक को अवश्य दिखाए।

रोजाना पैल्विक दर्द का अनुभव करना भी सरवाइकल कैंसर का एक संकेत हो सकता है।, ऐसे में यह जरूरी नहीं है कि आपको पैल्विक कैंसर हो, आप ऐसा दर्द सरवाइकल कैंसर में भी देख सकते हैं। ऐसे में आपको हर मामले में चिकित्सा की जरूरत होती है।

5. पेशाब करने के दौरान समस्या (Problems in urinating) – पेशाब करने के दौरान होने वाली समस्या भी सरवाइकल कैंसर का सबसे आम लक्षणों में से एक है। पेशाब में होने वाली जलन और चुभन आदि महसूस होना। यह समस्या आपको तब भी होती है, जब कैंसर आपके टिशू तक फैल गया हो, ऐसे में तत्काल चिकित्सा पर ध्यान देने की जरूरत है।

हालांकि मूत्र में असुविधा होने जैसे अन्य कारणों से भी सरवाइकल कैंसर हो सकता है। मूत्र में असुविधा होने के पीछे कारण यह भी हो सकता है कि आप सही ढंग से उप्युक्त पानी का सेवन ना करते हो और आप में निर्जलीकरण के कारण ही इस समस्या से ग्रस्त हो गए हो। हालांकि यह समस्या केवल कुछ दिनों के लिए ही बनी रहती है, आप ऐसे में चिकित्सक की सहायता ले सकते हैं।

6. शौच करने में असुविधा (Discomfort in defecating) – अगर आपको शौच करने में समस्या या बेचैनी सी महसूस होती हो तो ऐसे में आप इसे सरवाइकल कैंसर की चेतावनी मान लें। इस लक्षण में सरवाइकल कैंसर के उन्नत स्तर दिखाई देता है और इसलिए यदि आप परेशान है तो हो सकता है कि आप कब्ज या किसी अन्य अस्वास्थ्य आहार से परेशान हो, ऐसे में किसी भी एक लक्षण को देखकर आप उसकी जांच डॉक्टर से करवा सकती हैं।

हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि कोई भी लक्षण किसी भी छोटी चीज से शुरू होता है, अगर वह चीज एक दो दिन में खत्म हो जाएं तो ऐसे में आपको किसी चिकित्सक के पास जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर दो दिन के बाद भी वह परेशानी ठीक नहीं हो रहीं हो तो ऐसे में आप इस समस्या के ज्यादा बढ़ने का इंतजार ना करें, सीधे जाकर अपनी समस्या चिकित्सक के पास दिखाए और उनसे सलाह लें।

सांसो की बदबू रोकने के लिए टिप्स

7. असामान्य रूप से भारी मात्रा में पीरियड्स (Discomfort in defecating) – अगर आपको अचानक से आपकी सामान्य मात्रा से अधिक भारी मात्रा में पीरियड्स होने लग जाए, और अगर आपको ऐसा पिछले कितने दिनों से हो रहा हो तो ऐसे में आप चिकित्सा पर ध्यान देना चाहिए और आप आसानी से अपने डॉक्टर से इस बारे में बात कर सकते हैं। सरवाइकल कैंसर में अक्सर भारी और लंबे समय के लिए पीरियड्स होने लगते हैं। ऐसे में अगर आपको लगता है कि कुछ सामान्य तरीके से नहीं हो रहा है तो ऐसे में चिकित्सक की मदद लेने से पिछे ना हटें।

हालांकि भारी और लंबी अवधि के लिए पीरियड्स (periods) होना भी इस बीमारी का एक लक्षण होता है। सरवाइकल कैंसर में एनीमिया से उग्र जैसी कई नई समस्याएं सामने आ सकती हैं ऐसे में डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करना ही समझदारी है। जितनी जल्दी आपको इस बीमारी से छुटकारा मिलेगा यह आपके लिए उतना ही सही होगा।

8. मूत्र और मल का योनि से रिसाव (Leakage of urine or feces from vagina) – मूत्र और मल का योनि से रिसाव होना सरवाइकल कैंसर के उन्नत लक्षणों में से एक है। जब यह कैंसर टिशू (tissue) में फैल जाता है, तब योनि के माध्यम से मल और मूत्र का रिसाव होना शुरू हो जाता है। इस तरह का लक्षण किसी और बीमारी में नहीं दिखाई देता है। अगर आपको ऐसा कोई लक्षण आपको अपने शरीर में दिखाई देता है तो ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इसका इलाज करवा सकते हैं।

9. अस्पष्टीकृत वजन घटाना (Unexplained weight loss hai garbhashay ke rog) – अस्पष्टीकृत वजन घटाना कैंसर का एक आम लक्षण होता है और इस तरह का वजन कम होना ,सामान्य तरह से वजन कम होने से काफी आसान होता है। कैंसर की कोशिकाओं को शरीर के अन्य स्वस्थ कोशिकाओं की कीमत पर विकसित होने लग जाते हैं, जिस कारण वजन कम होने लगता है, जो कि नुकसानदायक होता है।

समान तरह के अस्पष्टीकृत वजन को कम करना एचआईवी के मामले में देखा जा सकता है। अगर आपका वजन एक महीने के अंदर 6 से 10 किलो कम हो गया हो, और इस वजन को कम करने के लिए आपने अपने जीवन शैली में कोई परिवर्तन ना किया हो या फिर खाने पीने की आदतों में भी किसी तरह का बदलाव ना किया हो तो ऐसे में आप डॉक्टर से संपर्क करना बिल्कुल ना भूलें। एकदम से इतना वजन कम होना खतरनाक हो सकता है।

10. पैरों में दर्द और सूजन (Leg pain or swelling se garbhashay ka cancer) – सरवाइल कैंसर में आपको अपने पैरों में दर्द और सूजन की तरह महसूस होता है, जो कि अधिकतर महिलाओं के द्वारा महसूस किया जाता है। जैसे ही कैंसर श्रोणि क्षेत्र में फैलना शुरू करता है, वैसे ही धमनियों और लिम्फ नोड्स को भी नुकसान पहुंचता है, इसी के साथ विशेष रूप से पैर के निचले हिस्से में दर्द के रूप में अच्छी तरह से सूजन का कारण बनता है।

आप सामान्य पैर के दर्द को और सरवाइकल के कारण होने वाले पैर के दर्द को आसानी से पहचान सकते हैं। जहां सामान्य पैरों के दर्द कुछ देर आराम करने से ठीक हो जाता है, वही दूसरी तरफ सरवाइकल कैंसर में यह दर्द समय के साथ बढ़ता ही चला जाता है।

थाइरोइड का महिलाओं की गर्भावस्था पर प्रभाव

11. सर्वाइकल कैंसर के लक्षण हैं थकान (Fatigue) – हम सभी दिन में एक ना एक बार तो थकान महसूस करते ही हैं, लेकिन सरवाइकल के कारण हुई थकान को मिटाने के लिए घंटों आराम करना भी कम होता है। ऐसे में आप अगर कुछ स्वास्थ्य खुराक भी लेते हैं तो उसके बाद भी आपकी थकान कम नहीं होती है। इसी तरह की थकान आपको एचआईवी (HIV) के मामले में भी होती है।

अगर आपको पूरे दिन आराम करने के बाद भी थकान महसूस हो रही हो तो ऐसे में आप डॉक्टर (doctor) से संपर्क कर सकते हैं, चिकित्सक से संपर्क करके आप यह जान सकते हैं कि यह किसी प्रमुख बीमारी का संकेत तो नहीं है।

12. भूख कम लगना (Lack of appetite hai garbhashay cancer in hindi) – यह कैंसर (cancer) का एक ऐसा लक्षण है जो कि हर तरह के कैंसर में दिखाई देता है। आप इस लक्षण को उन महिलाओं में भी देख सकते हैं जो कि सरवाइकल कैंसर से ग्रस्त हैं। हालांकि भूख की कमी, अस्पष्टीकृत वजन घटना, सरवाइकल का दर्द और दूसरे लक्षण निश्चित रूप से सरवाइकल कैंसर की ओर इंगित करती हैं।

13. हड्डियों के घनत्व में नुकसान (Loss in bone density) – इसका लक्षण स्पष्ट हो जाता है कि सरवाइकल कैंसर पूरी तरह से फैल जाता है। यह हमारी हड्डियों के घनत्व में भी नुकसान करता है, हालांकि यह हड्डी में फै्रक्चर शरीर में कैल्शियम (calcium) की कमी के कारण भी हो सकता है।

सरवाइकल कैंसर अत्यंत विशेष रूप से खतरनाक होता है, क्योंकि यह प्रारंभिक चरण के दौरान कोई लक्षण पैदा नहीं करता है। इसके लक्षणों का पता तब लगता है जब कि काफी देर हो चुकी होती है और इलाज करना मुमकिन नहीं हो पाता है। इसलिए इसका सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप शुरुआती दिनों में इसके निवारक उपायों का पालन करना शुरू कर दें।

loading...