Home remedies in Hindi to treat dermatitis (inflammation of the skin) – डर्मेटाइटिस और इसे ठीक करने के घरेलू उपचार

डर्मिटिटिस/त्वचाशोथ/त्वचा की सूजन और एक्जिमा दोनों को त्वचा की एक ही तरह की समस्या माना जाता ऐ जबकि वास्तव में ऐसा है नहीं।डर्मेटाइटिस एक्जिमा की तरह कोई गंभीर समस्या नहीं है। जलन,सूजन,खुजली तथा त्वचा का लाल हो जाना डर्मेटाइटिस के लक्षण हैं।

अगर आप डर्मेटाइटिस की काफी गंभीर स्थिति में हैं तो आपको छाले और फफोले एवं त्वचा के पपड़ीदार एवं धारीदार बनने की समस्या आ सकती है। किसी प्रकार की एलर्जी,कुछ खास प्रकार के पर्यावरण सम्बन्धी कारण,अस्वास्थ्यकर जीवनशैली,शरीर में विषैले पदार्थों का जमा होना,हाजमे तथा पोषण में गड़बड़ी आदि डर्मेटाइटिस के कुछ मुख्य कारण होते हैं।

पतली या सूखी चमड़ी वाले लोग डर्मेटाइटिस के ज़्यादा शिकार होते हैं। नीचे कुछ प्राकृतिक उपचार दिए जा रहे हैं जिनकी सामग्री आपको अपनी रसोई से ही मिल जाएगी।

डर्मेटाइटिस (त्वचा की सूजन) (What is dermatitis?)

डर्मेटाइटिस त्वचा की एक ऐसी समस्या है, जिसका अर्थ त्वचा पर जलन और खुजली का पैदा होना है। यह ग्रीक भाषा का शब्द है, जहां डर्मा का अर्थ होता है त्वचा तथा टाइटिस का अर्थ होता है जलन। डर्मेटाइटिस के विभिन्न प्रकार हैं कांटेक्ट, आटॉपिक तथा सेबरिक डर्मेटाइटिस (contact, atopic, seborrheic dermatitis)। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें आपकी त्वचा पर सूजन, खुजली और जलन का सृजन होता है। इन घमौरियों का कोई एक रूप नहीं होता है तथा ये समय के साथ बदल सकते हैं। जो लोग गम्भीर रूप से डर्मिटाइटिस से पीड़ित होते हैं, उनके शरीर पर आमतौर पर फोड़े फुंसियां तथा धारियां दिखती हैं। जिन लोगों को डर्मेटाइटिस की शिकायत रहती है, उनकी त्वचा भी कड़ी हो जाती है। डर्मेटाइटिस के कुछ मुख्य कारण हैं एलर्जिक प्रतिक्रिया (allergic reactions), पर्यावरण की अवस्था, शरीर में अशुद्धियों की मात्रा होना और आनुवंशिकता। जिन लोगों की त्वचा पतली, नाज़ुक या सूखी होती है, उन्हें डर्मेटाइटिस होने का ज़्यादा ख़तरा बना रहता है।

डर्मेटाइटिस के लक्षण / त्वचाशोथ के लक्षण (Signs and symptoms of dermatitis (twacha shoth)

एक्जिमा के घरेलू उपचार

हर तरह के डर्मेटाइटिस के अलग अलग लक्षण होते हैं, पर फिर भी इनमें से कुछ लक्षण एक ही हैं। निरन्तर खुजली होना टॉपिक डर्मिटाइटिस का लक्षण है, पैरों के निचले हिस्से और टखनों में दरारें और त्वचा का फटना स्टैटिस (statis) डर्मेटाइटिस का लक्षण है। अगर आपके कानों, सर् या भौंहों में या आसपास पीली धारियां पड़ रही हैं, तो ये सेबरिक डर्मेटाइटिस का लक्षण है। एक ही भाग में लाल दाग होना कांटेक्ट डर्मिटाइटिस का लक्षण होता है। त्वचा पर लाल, खुजली वाले और गोलाकार धब्बे रूखी त्वचा वाले उम्रदराज़ लोगों पर या सूखी जगह पर रहने वाले लोगों पर दिखते हैं।

कैमोमाइल के फूल (Chamomile flowers)

कैमोमाइल के फूलों में औषधीय गुण होते हैं और आप इनका प्रयोग घर पर भी कर सकते हैं। एक बड़े बर्तन में पानी लें और उसमें कैमोमाइल के कुछ फूल मिलाएं। इस पानी को कुछ मिनट तक उबालें। अब पानी को ठंडा होने दें और उसमें बर्फ के कुछ टुकड़े डालें। इस ठंडे पानी में अपने शरीर का रोगग्रस्त भाग डुबोएं और 10 से 15 मिनट तक रखें। इससे आपके रोगग्रस्त भाग को और आपको काफी आराम मिलेगा। लक्षणों के ख़त्म होने तक इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करते रहे।

डर्मेटाइटिस का उपचार करें बिलबेरी (Bilberries twacha ke rog ke liye)

1 लीटर पानी लें और उसमें 50 ग्राम बिलबेरी मिलाएं। अब इस मिश्रण को गर्म करें और इसे 1 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे ये मिश्रण एक समान हो जाएगा। अब इस मिश्रण को दुबारा 20 मिनट तक उबालें और फिर इसे कमरे के तापमान के बराबर ठंडा होने दें। अब इस मिश्रण को क्लीन्ज़र की तरह प्रयोग में लाएं। शरीर के रोगग्रस्त भागों को इस मिश्रण की सहायता से दिन में 2 से 3 बार साफ़ करें। बिलबेरी द्वारा डर्मेटाइटिस के रोग से काफी हद तक छुटकारा मिलता है और इससे आपकी त्वचा स्वस्थ और अलग अलग तरह के संक्रमणों से मुक्त रहती है।

डर्मेटाइटिस का उपचार करें नारियल का तेल (Coconut oil)

नारियल का तेल अपने कमाल के एंटी माइक्रोबियल तत्वों और नमी प्रदान करने के गुणों द्वारा डर्मेटाइटिस को ठीक कर सकता है। डर्मेटाइटिस वाले हिस्से पर नारियल का गर्म तेल लगाएं। इससे आपकी त्वचा नरम भी हो जाएगी। अच्छे परिणामों के लिए रोज़ाना वर्जिन नारियल का तेल लगाएं।

चर्मक्षय के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचार

त्वचा की सूजन का उपचार करें बादाम के पत्ते (Almond leaves)

ताज़े बादाम के पत्तों को पानी के साथ पीसकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को डर्मेटाइटिस वाले भाग पर लगाएं और कुछ देर तक रहने दें। अब इस जगह को हलके गुनगुने पानी से धो दें और वहां पर कुछ मॉइस्चराइसिंग लोशन लगाएं। इस प्रक्रिया का दिन में 2 से 3 बार प्रयोग करने से आपको खुद में परिवर्तन अवश्य दिखेगा।

त्वचाशोथ का उपचार करें दलिया (Oatmeal se dermatitis ka ilaaj)

दलिये से नहाने पर आपकी त्वचा साफ़ रहेगी और आपको जलन एवं खुजली से भी छुटकारा मिलेगा। 1 कप पाउडर वाला दलिया लें और इसे गुनगुने नहाने के पानी में मिलाएं। अब इस पानी में खुद को 10 से 15 मिनट तक रोज़ाना भिगोकर रखें और आप पाएंगे कि आपकी त्वचा नमी प्राप्त कर रही है। अच्छे परिणामों के लिए इस प्रक्रिया का 1 महीने तक इस्तेमाल करें।

त्वचाशोथ का उपचार करें विटामिन इ  (Vitamin E)

विटामिन इ के तेल को रोगग्रस्त भागों में लगाने से खुजली और जलन से तुरंत राहत मिलती है और ये डर्मेटाइटिस से लड़ने के बेहतरीन और आसान उपायों में से एक है। आप विटामिन इ युक्त भोजन,क्रीम्स तथा बॉडी लोशन्स का भी प्रयोग कर सकते हैं।

त्वचा की सूजन का उपचार करें सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

थोड़ा सा सेब का सिरका लें और एक सूती के बॉल की सहायता से इसे डर्मेटाइटिस वाली त्वचा पर सीधे लगाएं। कुछ मिनटों तक उसे ऐसे ही रहने दें और उसके बाद एक गीले सूती के कपडे द्वारा साफ़ कर लें। कुछ हफ़्तों तक इसे रोज़ाना करने से आपको सुन्दर और चमकदार त्वचा प्राप्त होगी।

डर्मेटाइटिस दूर करने के लिए फिसलन भरा एल्म बार्क (Slippery elm bark)

एल्म की छाल का प्रयोग त्वचा के फेस वाश (face wash) के तौर पर किया जा सकता है। एक चम्मच एल्म की छाल, एक चम्मच कॉमफ्री की जड़ (comfrey root) तथा एक चम्मच सफ़ेद ओक की छाल (white oak bark) को दो कप पानी में करीब आधे घंटे तक उबाल लें। एक बार जब यह मिश्रण ठंडा होकर कमरे के तापमान पर आ जाए तो इसका प्रयोग प्रभावित भागों पर फेस वाश की तरह करें। बेहतरीन और तेज़ परिणामों के लिए इसका प्रयोग दिन में 3 से 4 बार करें।

डर्मेटाइटिस दूर करने के लिए एलोवेरा (Aloevera)

एलो वेरा का प्रयोग त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह हमारी त्वचा का Ph स्तर बरकरार रखने में सहायता करता है। दिन में कई बार प्रभावित भाग पर एलोवेरा का जेल लगाएं। त्वचा की समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए इसका प्रयोग कुछ महीनों तक अवश्य करें। अगर आपको और भी बेहतर परिणाम चाहिए तो एलो वेरा का रस पीना शुरू करें।

त्वचा की सूजन का उपचार करें शहद (Honey se dermatitis ka upchar)

शुद्ध शहद में पानी की मिलावट करें और इसे रोगग्रस्त भाग पर लगाएं। कुछ देर तक रहने दें और उसके बाद उस जगह को साफ कर लें। इस प्रक्रिया को 1 महीने तक अपनाएं और फर्क देखें।

डर्मेटाइटिस दूर करने के लिए नीम (Neem)

वेरीकोज नसों का कारण

नीम की पत्तियों की मदद से भी डर्मेटाइटिस का उपचार किया जा सकता है। यह आपको कई प्रकार के संक्रमणों से बचाता है तथा त्वचा की खोयी हुई शक्ति को वापस लौटाता है। तिल के तेल, हल्दी और पिसी हुई नीम की पत्तियों का मिश्रण तैयार करें और इसका प्रयोग प्रभावित भाग पर अच्छे से करें। इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दें तथा इसके बाद धो लें। वैकल्पिक तौर पर ऐसे पानी से स्नान करें, जिसमें नीम के तेल की कुछ बूँदों का मिश्रण हो।

डर्मेटाइटिस दूर करने के लिए हल्दी (Turmeric)

हल्दी में मौजूद जलनरोधी और एंटीसेप्टिक (antiseptic) गुणों से डर्मेटाइटिस के लक्षणों का अच्छे से उपचार किया जा सकता है। हल्दी को पानी में उबालें तथा इस मिश्रण को ठंडा होने दें। इस मिश्रण का सेवन करें और इसका प्रयोग भी प्रभावित भाग पर करें। इस उपचार का प्रयोग निरन्तर रूप से कुछ महीनों तक करते रहें।

डर्मेटाइटिस दूर करने के लिए खुजली करने से बचें (Avoid scratching)

प्रभावित भागों पर खुजली करने से बचें, क्योंकि इससे आपकी त्वचा बुरी तरह फटने लगती है और इससे डर्मेटाइटिस युक्त भाग पर और भी ज्यादा संक्रमण हो जाते हैं। ऐसे समय आपके लिए यह भी अच्छा होगा कि आप अपने नाखून काट लें, तथा प्रभावित भागों पर मालिश करने के लिए अपनी उँगलियों का प्रयोग करें।