How to get rid of Stye on/under eyelid – पलकों पर अंजनहारी का उपचार, गुहेरी के घरेलू उपाय

‘गुहेरी’ पलकों पर उपस्थित स्त्रावी ग्रंथियों में होने वाले संक्रमण की वजह से होने वाला एक रोग है। 90 से 95% तक होने वाले इस गुहेरी या अंजनहारी रोग की मुख्य वजह स्टेफ़ीलोकोसस (Staphylococcus) है जो एक तरह का बैक्टीरिया है। आँखों के आस पास होने वाले इस रोग को साधारण भाषा में ‘बिलनी’ (bilani in eyelid) भी कहते हैं।

इस रोग में कुछ अन्य तरह के जीवाणु भी संक्रमण के लिए मददगार होते हैं पर इस अंजनहारी (anjanhari) रोग में आँखों के नीचे या पलकों पर मुहांसों की तरह के दाने दिखाई देते हैं जो फुले हुए और पीड़ादायी होते हैं। आँखों के नीचे या ऊपर एक से अधिक दाने भी हो सकते हैं जिसकी वजह से दर्द और जलन ज़्यादा व्यापक रूप ले लेती है। आँखों और उसके आस पास जलन और खुजलाहट गुहेरी रोग के सामान्य लक्षण हैं।

गुहेरी रोग को चिकित्सा की भाषा में हॉर्डियोलम (hordeolum) के नाम से जाना जाता है। इसमें पलकों पर अथवा दोनों आँखों पर सूजन दिखाई देती है। यह सूजन कभी कभी कम या बहुत ज़्यादा भी हो जाती है। जब इसके मुहांसों की तरह दिखने वाले सूजन अपने सबसे बड़े आकार में पहुँच जाते हैं तो इसमें पस (Pus) भर जाता है जो गुहेरी की अंतिम अवस्था प्राकृतिक रूप से फूट कर निकल जाता है। आँख में फुंसी, अंजनहारी कुछ दिनों या हफ्ते भर में अपने आप ठीक हो जाने वाली बिमारी है जो कुछ दिनों के साथ बढ़ते हुए धीरे धीरे ठीक होती जाती है अपने शुरुआत दिनों से कुछ दिन तक इसमें दर्द का प्रभाव अधिक होता है पर जैसे जैसे कुछ दिन बीत जाते हैं यह दर्द भी अपने आप कम होने लगता है।

इस रोग से बचने और इससे जल्दी निजात पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात, साफ सफाई का ध्यान रखना है। चूंकि यह एक जिवाणु जनित रोग है इसके लिए सफाई की सुरक्षा का बहुत ध्यान रखना चाहिए। गुहेरी रोग में दिन में 3 से 4 बार आँखों को पानी और किसी सौम्य क्लिंजर की सहायता से साफ करना चाहिए। अंजनहारी होने पर बेबी शैम्पू का प्रयोग आँखों और उसके आस पास किया जाना बेहतर होता है। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि हाथ धोये बिना या गंदे हाथों से आँखों के आस पास के हिस्से को स्पर्श ना करें इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। आँखों को दिन में बार-बार ठंडे पानी से धोते रहना चाहिए साथ ही संक्रमित हिस्से को हाथों से दबाने की कोशिश नहीं करना चाहिए। अगर आप किसी क्लिंजर की सहायता से आँखों को साफ नहीं कर पा रहे हैं तो यहाँ कुछ घरेलू उपाय बताए जा रहे हैं जिनकी मदद से आप घर पर गुहेरी का इलाज प्राकृतिक तरीके से कर सकते हैं और इस समस्या से काफी हद तक राहत पा सकते हैं।

सूजी हुई आँखें ठीक करने के घरेलू नुस्खे

गुहेरी का इलाज हिन्दी में (Guheri ka ilaaj in hindi)

बिलनी के घरेलू उपचार के लिए गर्म सिंकाई (Worm compress for anjanhari ka ilaaj)

गुहेरी के घरेलू इलाज में गर्म सिंकाई सबसे आसान और असरकारी उपाय है जो दर्द और सूजन को कम कर राहत देता है। इससे पलकों या आँखों के किनारों पर जो दाने होते हैं वो तेज़ी से बढ़कर पक जाते हैं, इस तरह प्राकृतिक तरीके से पस (pus) या मवाद निकल जाता है और जल्दी ही सुधार आने लगता है। एक बर्तन में साफ पानी लेकर उसे गर्म कर लीजिये और इस पानी में रुई के गोलों को भिगो कर अतिरिक्त पानी निचोड़ लीजिये। इस रुई के गोल से आँखों के आस पास प्रभावित हिस्से में हल्के दबाव से इसकी सेंक लेने से दर्द में कमी आती है। आप इस उपाय को दिन में 3 से 4 बार कर सकते हैं।

धनिये के बीजों से करें गुहेरी का घरेलु इलाज (Coriander seeds wash for bilni ka ilaj)

धनिये के दाने औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। अंजनहारी के उपचार में धनिये का प्रयोग एक बहुत प्राचीन प्रयोग है जो संक्रमण को कम करने और गुहेरी के जल्दी सुधार के लिए प्रभावकारी होता है। मुट्ठी भर धनिये के बीजों को स्वच्छ पानी में भिगो दें। जब ये दाने भीग जाएँ तो इन्हें पानी से छनाकर अलग कर लें और इस पानी से आँखों को धोएँ। दिन में 3-4 बार इस प्रयोग को करने से गुहेरी में लाभ होता है।

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अंजनहारी रोग में अमरूद के पत्तों की सिंकाई (Guava leaf compress to treat guheri)

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अंजनहारी के प्राकृतिक उपचार न केवल सुरक्शित होते हैं बल्कि ये प्राकृतिक उपाय दर्द को भी ठीक करने में सहायता देते हैं। अमरूद के पत्तों को अच्छी तरफ धो कर साफ कर लें। अब इन पत्तों को गर्म पानी में डुबोएँ और इन पत्तों को आँखों पर रखें। इसके अलावा आप अमरूद के पत्तों को किसी साफ सूती कपड़े के बीच रख कर गर्म पानी में डुबो लें, उसके बाद इसकी सेंक आँखों पर लें। इसे 5 मिनट तक आँखों पर रखें और ठंडा हो जाने के पाश्चात निकाल लें।

कैस्टर ऑइल से करें अंजनहारी का इलाज (Castor oil for eyelid inflammation in stye)

कैस्टर ऑइल (castor oil) में मौजूद तत्व जलन और दर्द को कम करने में सहायक होता है। यह तेल गुहेरी के इलाज और उन्हें जल्दी ठीक करने के लिए उपओगी है। आँखों को अच्छी तरह से धो लें और उन पर गर्म पानी में रुई को भिगो कर सेंक लें। सिंकाई के बाद थोड़ी मात्रा में अरंडी का तेल या कैस्टर ऑइल लेकर उसे गुहेरी पर लग लें। दिन में इस प्रयोग को 2 बार करना बेहतर होता है।

गुहेरी की रोकथाम के लिए ग्रीन टी (Green tea for stye treatment)

ग्रीन टी अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह जाना जाता है। इसमें बैक्टीरिया को खत्म करने का महत्वपूर्ण गुण होता है। यह गुहेरी की रोकथाम के लिए भी बहुत फायदेमंद है। ग्रीन टी के टी बैग को गरम पानी में डुबोकर आँखों या उस स्थान पर रखें जहां गुहेरी का प्रभाव हो। जब टी बैग ठंडे हो जाएँ तो दोबारा इसे गरम पानी में डुबोकर प्रयोग करें,  5 – 7 मिनट तक इस प्रयोग को अपनाएँ। अंजनहारी के इलाज में ग्रीन टी बहुत लाभकारी होता है।

अंजनहारी रोग के उपचार में धातु का प्रयोग (Use of metals for stye)

यह माना जाता है की अंजनहारी पर किसी सोने या लोहे जैसी धातु को रगड़ने से इस रोग में सुधार आता है और यह जल्दी ठीक हो जाते हैं। इस उपचार को करने के पहले यह सुनिश्चित कर लें की जिस भी धातु की चीज़ का आप प्रयोग कर रहें हैं वह अच्छी तरह साफ और किटाणुरहित होनी चाहिए, नहीं तो इन्फेक्शन फैलने का खतरा हो सकता है।

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जीरे के दानों से करें आँखों में बिलनी का इलाज (Black cumin for guheri ka ilaj)

काले जीरे के दानों को साफ सूती के कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। इसे एक गर्म तवे की सहायता से गरम करें और इस पोटली से आँखों पर सेंक लें। 5 से 10 मिनट तक ऐसे ही आँखों को सेंकना चाहिए। दिन में इस क्रिया को 2 से 3 बार करना चाहिए।

गुहेरी के उपचार की घरेलू औषधि हल्दी (Home remedy of turmeric for eye stye cure)

हल्दी (turmeric) एक बेहतरीन एंटीबैक्टीरियल (antibacterial) औषधि है जिसमें दर्द को कम करने का भी गुण पाया जाता है। हल्दी का प्राकृतिक गुण गुहेरी के उपचार में बहुत प्रभावकारी होता है। ताज़ी हल्दी को पीसकर पेस्ट बना लीजिये। अब इस पेस्ट को सीधे गुहेरी (stye) से प्रभावित हिस्से में लगाकर सूखने दीजिये। अगर गुहेरी का प्रभाव आंखों के निचले हिस्से पर हो तो आप हल्दी के एस पेस्ट को 2 कप पानी में उबाल लीजिये। जब यह पानी उबलते हुये आधा रह जाए तो इस मिश्रण से आँखों को धो लीजिये। इस प्रक्रिया को दिन में कई बार दोहराएँ। इससे गुहेरी उपचार, आपके आँखों पर गुहेरी का प्रभाव कम होगा और इसकी वजह से दर्द या पीढ़ा भी कम होती है।

एलोवेरा से करें अंजनहारी का उपचार (Treatment of aloe vera for stye)

एलोवेरा (aloe vera) या घृतकुमारी में त्वचा संबंधी कई तरह के रोगों को दूर करने के लिए उपयोगी माना जाता है। यह त्वचा में होने वाली जलन को कम करता है और त्वचा संक्रमण से होने वाले रोगों को भी दूर रखता है। एलोवेरा की पत्तियों को तोड़कर इसके जेल को निकाल लें। इस जेल को आँखों की बिलनी पर लगाएँ और कुछ देर रखें। एलोवेरा, बिलनी (eye stye) की वजह से होने वाली आँखों की जलन को कम करता है।

आलू के रस से करें बिलनी का उपचार (Potato treatment for eye stye)

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आँखों में होने वाली गुहेरी के लिए आलू (potato) का घरेलू इलाज लाभकारी होता है। आलू को छिलकर इसके टुकड़ें कर लें। इस टुकड़ों को पीसकर रस निकालें और एक साफ सूती कपड़े को इसमें भिगोकर आँखों की गुहेरी पर रखें। जब यह सूख जाए तो इसे आँखों से निकाल लें और दिन में 3 से 4 बार इस क्रिया को गुहेरी के इलाज के लिए करें। इससे आँखों का दर्द भी कम होता है।

खीरे से करें बिलनी रोग का घरेलू उपचार (Eye stye treatment with cucumber)

आलू की ही तरह खीरा भी बिलनी के घरेलू उपचार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। जैसे आलू के रस का प्रयोग किया जाता है उसी तरह खीरे का भी रस निकाल कर उसे विधि से आँखों पर लगाएँ। खीरे के रस से आँखों की जलन कम होने के साथ साथ आँखों में होने वाली खुजली से भी राहत मिलती है।

आँख मे गुहेरी, अंजनहारी संक्रमण की वजह से होने वाला एक रोग है। इस रोग में साफ सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए। गंदे हाथों से आँखों को न छूएँ और दिन में बार बार साफ पानी से आँखों को धोते रहें। किसी भी ऐसे कॉस्मेटिक उत्पादों का प्रयोग न करें जो बहुत पुराने हो चुके हों और किसी अन्य के मेकअप ब्रश (makeup brush) या काजल जैसी चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। अपने सनग्लासेस व चश्मे को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। इन्हें किसी एंटीसेप्टिक सोलुशन (antiseptic solution) से धोकर इस्तेमाल करना अच्छा होता है।

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