Post pregnancy diet tips in Hindi – प्रसव के बाद खानपान – प्रसव के बाद क्या नहीं खाए?

किसी भी माँ या बच्चे के लिए दूध पिलाने वाली अवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिशु की सही देखभाल के लिये माँ को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है। शिशु अवस्था में सही पोषण बच्चे के जीवन भर के विकास की नीव होता है। इसलिये माँ को हमेशा शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर ही भोजन करना चाहिये। खानपान से सम्बंधित कुछ टिप्स निम्नानुसार हैं –

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  1. विशेषज्ञों के अनुसार अगर परिवारिक इतिहास में किसी को एलर्जी रही है तो शिशु में भी इसका असर दिख सकता है, अगर आपको लगता है कि बच्चे पर किसी चीज का असर हो रहा है तो उसे बिलकुल न खायें।
  2. प्रसव के बाद देखभाल, लहसुन खाने से इसकी गंध माँ के दूध में भी आ जाती है और कुछ बच्चों को इस गंध से परेशानी हो सकती है इसलिये इस बात का विशेष ध्यान रखें।
  3. दूध गिरा देना, दस्त लगना और डायपर से होने वाले दाने, बच्चों की ध्यान देने योग्य समस्याएँ होती हैं। खट्टे फलों का उपयोग इस परेशानियों को और बढ़ाता है इसलिये नीबू, संतरे जैसे खट्टे फलों की बजाय आम और पपीता जैसे मीठे फलों का उपयोग करें।
  4. प्रसव के बाद भोजन, अगर आप पनीर, दही, आइसक्रीम जैसी चीजें खातीं हैं इनसे होने वाली एलर्जी आपके दूध के माध्यम से शिशु को नुकसान पहुँचा सकती है और उल्टी, नींद न आना, त्वचा का सूखना और लाल होना जैसी समस्याएँ पैदा कर सकता है।
  5. मछली में पारा पाया जाता है जो दूध के माध्यम से शिशु में गैस जैसे समस्या उत्पन्न करता है इसलिये स्तनपान के समय मछली खाने से बचें।
  6. प्रसव के बाद देखभाल, कॉफ़ी में मिलने वाला कैफ़ीन बच्चे में अनिद्रा, और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएँ उत्पन्न करता है इसलिये कॉफ़ी से दूर रहें।
  7. यह साबित हो चुका है कि शराब शिशु की सेहत के लिए अत्यंत हानिकारक होती है यह शिशु में अधिक नींद, अनियंत्रित वजन, कमजोरी जैसे लक्षण उत्पन्न करती है साथ ही माँ के दूध की मात्रा को कम करती है । इसलिये स्तनपान के काल में शराब का त्याग करें।
  8. प्रसव के बाद का भोजन, अगर पारिवारिक इतिहास में किसी को मटर के दानो से एलर्जी रही है तो ये शिशु में भी हो सकती है और कई तरह की समस्याएं उत्पन्न कर सकती है। इसलिये स्तनपान काल के दौरान इस तरह के दानों से भी दूर रहें।
  9. स्तनपान काल के दौरान तीखे मसालों से दूर रहें, तीखापन बच्चे में चिड़चिड़ापन पैदा करता है।
  10. चॉकलेट से भी शिशु में चिड़चिड़ापन आता है क्योकि इसमें भी कॉफ़ी के समान कैफ़ीन पाया जाता है इसलिये इस काल के दौरान चॉकलेट को नज़रअंदाज करें।
  11. मसालेदार भोजन (Spicy food)  गर्भावस्था के बाद अपने भोजन में मसालेदार भोजन शामिल करने से परहेज करें। मसालेदार भोजन आपके गर्भ में पल रहे बच्चे की कोमल आँतों और रक्त में प्रवेश कर जाते हैं। अतः यही अच्छा होगा कि इस समय आप मसालेदार भोजन से दूर रहें। इस समय बच्चे की पाचन प्रणाली काफी कमज़ोर होती है और वह केवल स्तनपान ही करने में सक्षम होता है। कम से कम 6 महीनों तक मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें।
  12. तैलीय भोजन (Oily food)  तैलीय भोजन का सेवन करने से आपके शरीर में काफी चर्बी जम जाएगी, जिससे आपपको अपना सुडौल और शरीर वापस पाने में काफी कठिनाई होगी। घी और मिठाइयों से शरीर को नुकसान पहुँच सकता है, अतः हो सके तो इनका सेवन बिलकुल बंद कर दें।
  13. गैस और बदहजमी पैदा करने वाले भोजन (Gas and acidity producing foods) गैस, बदहजमी और डकार को जन्म देने वाले भोजन आपके बच्चे के नाज़ुक शरीर को काफी प्रभावित करते हैं। कुछ खाद्य पदार्थों जैसे दुग्ध उत्पादों, खासकर नर्म पनीर, आइसक्रीम (ice cream), ओट्स, बीन्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स (oats, beans, and soft drinks) आदि। नशीले पेय पदार्थों के सेवन से भी परहेज करें, क्योंकि ये तुरंत गर्भावस्था से गुज़रकर आ रही माओं के लिए नहीं होते हैं।
  14. दवाइयां (Medications)  कभी भी अपने डॉक्टर या अपने बच्चे के शिशु रोग विशेषज्ञ से सलाह किये बिना किसी भी तरह की कोई दवाई ना लें। ऐसा ना करने पर बच्चे को नुकसान पहुंचेगा और ये दवाइयां और इनके हानिकारक तत्व स्तनपान के ज़रिये आपके बच्चे के शरीर में प्रवेश कर जाएंगे।
  15. CAN से परहेज करें (Avoid CAN)  CAN अर्थात कैफीन, अल्कोहल और निकोटिन (caffeine, alcohol, and nicotine) को अपनी जीवनशैली में शामिल करने से परहेज करें। ये बच्चे के लिए काफी हानिकारक होते हैं और स्तनपान के दौरान बच्चे के शरीर में प्रवेश करके उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस बात को याद रखें कि आपका बच्चा अभी भी आपके शरीर का ही एक हिस्सा है। इससे बच्चे को दस्त, शरीर में पानी की कमी और कोलिक (colic) जैसी समस्याएं घेर सकती हैं।
  16. चिडचिडे तत्वों और एलर्जी से दूर रहें (Avoid irritant and allergies)  नयी माओं को इस बात का ध्यान रखते हुए सावधान रहना चाहिए कि नवजात शिशुओं को स्तनपान की वजह से चिडचिडेपन और एलर्जी की शिकायत हो सकती है। अगर आपके बच्चे को किसी ख़ास भोजन से परेशानी या एलर्जी है तो उस खाद्य पदार्थ के सेवन से परहेज करना शुरू कर दें। अपने बच्च्चे के शिशु रोग विशेषज्ञ से सलाह करके इस समस्या का पता लगाएं और इसका हल भी निकालने का प्रयास करें। 

    डॉक्टर के द्वारा सुझाया हुआ खानपान फ़ूड जर्नल (food journal) का पालन करें। फ़ूड जर्नल में ना सिर्फ उन सारे खाद्य पदार्थों की सूची होती है जिनका सेवन आपको करना चाहिए, बल्कि आपके अपने बच्चे को भोजन कराने का समय और भोजन करने के कुछ घंटों पश्चात तक आपके बच्चे की प्रतिक्रिया भी लिखी जाती है। अगर बच्चा सामान्य से अलग हटकर कोई प्रतिक्रया दे रहा है तो इसका ध्यान रखें और बाद में डॉक्टर से इस सम्बन्ध में सलाह करें।

  17. डाइटिंग से परहेज करें (Avoid dieting) आपके लिए सबसे ज़रूरी काम अपने बच्चे को सही समय पर सही चीज़ देना होना चाहिए। अतः गर्भावस्था के समय के तुरंत बाद अपने शरीर की कैलोरीज़ (calories) को कम करने का प्रयास ना करें। इससे ना सिर्फ आपको, बल्कि आपके बच्चे को भी काफी नुकसान पहुँच सकता है।
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