Sleeping direction & position tips in Hindi – जानें सोने के लिए सबसे सही दिशा और मुद्राएं – सोने की सही दिशा

सोने की सही मुद्रा सोते समय सिर को सही जगह पर रखने की दिशा बताती है। हर शोध अपने हिसाब से इस बारे में अपनी राय रखता है। हर मुद्रा के अपने फायदे एवं नुकसान होते हैं और हर व्यक्ति के सोने का तरीका भिन्न होता है,अतः सोने की मुद्रा तय करने का अधिकार पूरी तरह उसी व्यक्ति के हाथ में होता है। किस दिशा में सोना चाहिए

नींद एक काफी महत्वपूर्ण तत्व है, जिसका रोजाना पूरा होना हर व्यक्ति के लिए काफी आवश्यक है। अगर आप एक रात नहीं सोते तो आपकी सुबह की सारी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होती है। कई बार सोने की मुद्रा भी हमारी नींद पूरी होने या ना होने की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सोते समय के ऐसे कुछ नुस्खे भी हैं, जिनकी मदद से आपको काफी अच्छी नींद आती है। विशेषज्ञ विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में अलग अलग मुद्राओं में सोने की सलाह देते हैं।

सोने का तरीका – सोने की सही दिशा क्या है ? (Which is the best sleep direction? – sona kaise chahiye)

किसी भी बिस्तर के सिर एवं पैर की दिशा भाँपने के लिए घर के मालिक विशेषज्ञों की सलाह लेते हैं। अगर सोने की मुद्रा में कोई परेशानी होती है तो इसका सारा दोष वास्तु पर पड़ता है। इससे उस घर के उस कमरे में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। सोने की दिशा का अर्थ है किसी व्यक्ति का किसी ख़ास दिशा में अपने सिर को रखना। आमतौर पर ज़्यादातर लोग अपने सिर को उत्तर या पश्चिम दिशाओं में रखते हैं।

चुम्बकीय प्रभाव (Magnetic effect)

अगर आप भौतिक कारणों की खोज करें तो हमारे गृह में चुम्बकीय ध्रुव है जो उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर फैला हुआ है। यहां सकारात्मक ध्रुव उत्तर में स्थित है और नकारात्मक ध्रुव दक्षिण की दिशा में। स्वास्थ्य वैज्ञानिकों के अनुसार मनुष्यों में इस तरह के चुम्बकीय ध्रुव होते हैं जिसमें सकारात्मक ध्रुव सिर की ओर होता है और नकारात्मक ध्रुव पैर की ओर। अतः पृथ्वी की दिशा के साथ तुलना करने पर हमारे सिर का काफी महत्त्व है।

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सोने का तरीका – दिशा के सामाजिक आयाम (Social spheres of direction)

वैज्ञानिक व्याख्या के अलावा रात में हमारे सिर एवं पैरों की दिशा सामाजिक आयामों को भी प्रभावित करती है। अगर आपके सोने की दिशा सही नहीं है तो इसे लेकर आपके और आपके घरवालों के बीच मतभेद बढ़ सकता है। पृथ्वी के चुम्बकीय प्रभाव की वजह से आपके स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इस वजह से आपके सुबह उठते ही आपको सिरदर्द और सिर भारी होने की समस्या होगी।

रात को सोने से पहले सिर रखने की सही दिशा (The right direction to place your head)

सिर रखने की दिशाओं में से एक दक्षिण की दिशा है। रात को दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने पर सुबह उठकर आप काफी चुस्त दुरुस्त और तरोताज़ा महसूस करते हैं।

रात को सोने से पहले पूर्व दिशा की और सिर करके सोना (Head to east)

  • शुभ
  • दिन में सोने से परहेज करें
  • सिर को दर्द करने वाली किताबें ना पढ़ें।
  • कुछ मन्त्रों का जाप करें

रात को सोने का तरीका – दक्षिण दिशा (Head to south hai sone ka tarika)

गर्भवती महिलाओं को नींद लाने में सहायता करने के लिए कुछ तरीके

  • यह काफी फायदेमंद है।
  • यह जीवन में ताज़गी लाता है।
  • आप इससे प्रफुल्लित अनुभव करते हैं।

रात को सोने का तरीका – उत्तर पश्चिम दिशा (Head to North- West)

  • काफी खतरनाक
  • खराब सपने आना
  • जीवन में तनाव
  • चिड़चिड़ापन
  • भावनाओं को ना समझना
  • नकारात्मक तरंगें
  • मन की शक्ति में कमी

खगोलशास्त्र के अनुसार, सारे गृह सूरज के इर्दगिर्द घूमते हैं। ग्रहों के द्वारा अपनाई गयी दिशा होती है पश्चिम से पूर्व। जब भी हम सोते समय अपना सिर पूर्व की दिशा में रखते हैं तो सूरज का चुम्बकीय प्रभाव हमारे सिर में प्रवेश करता है। इसी तरह यह चुम्बकीय प्रभाव पैर से निकल जाता है। ऊर्जा और चुम्बकीय तत्वों के नियमों के अनुसार ठंडा सिर और गर्म पैर सबसे मनचाहे परिणाम होते हैं। परन्तु अगर आप उल्टी दिशा। यानी कि सिर को पश्चिम की ओर करके सो रहे हैं तो इससे सिर गर्म और पैर ठन्डे हो जाएंगे। इससे आपकी सुबह काफी खराब हो जाएगी। आपने अपने दादा दादी और अन्य बुज़ुर्ग व्यक्तियों को सोने के समय सिर की सही दिशा के बारे में बात करते हुए सुना होगा। उनकी बातों का वैज्ञानिक स्त्रोत भी होता है। यह किसी परालौकिक चीज़ से सम्बंधित नहीं है, पर ग्रहों की दशा के हिसाब से इसका ख़राब प्रभाव पड़ता है।

सोने का सही तरीका – सोने की मुद्रा के आध्यात्मिक आयाम (Spiritual perspective of sleeping position)

आध्यात्मिक विचारों के अनुसार पूर्व पश्चिम की दिशा जिसके अन्तर्गटी पैर पश्चिम की तरफ हों सोने की सबसे अच्छी मुद्रा है।

किस दिशा में सोना चाहिए के फायदे (Benefits of sone ki sahi disha)

सोने की दिशा और अवस्थाएँ

1. कहते हैं कि भगवान के सारे काम पूर्व और पश्चिम की दिशाओं के बीच होते हैं। इस तरफ सोने से हमें काफी अच्छी तरंगें मिलती हैं और इससे हमें अपने कार्य करने की भी शक्ति मिलती है।

2. नाभि के पास स्थित 5 शक्तियां भगवान के कार्यों के फलस्वरूप उत्पन्न हुई तरंगों से जागृत हो जाती हैं। इससे शरीर शुद्ध होता है और हमें शक्ति मिलती है।

3. पूर्व की तरफ सिर करके सोने से सुबह के समय शुद्ध तरंगें हमारे शरीर में पूर्व की दिशा से प्रवेश करती हैं। इससे हमारा शरीर शुद्ध होता है और दिन की अच्छी शुरुआत होती है।

4. सुबह होते ही पूर्व की तरफ से सूरज की 7 तरंगें हमारे शरीर में पूर्व की तरफ से प्रवेश करती हैं। ये 7 तरंगें काफी फायदेमंद होती हैं और ये शरीर के चलायमान होने में सहायता करती है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार सोने की मुद्रा (Vasthu shastra perspective of sleeping position)

वास्तुशास्त्र के अनुसार नींद एक व्यक्ति के स्वस्थ रहने में काफी बड़ी भूमिका निभाती है। इसके अनुसार दक्षिण पश्चिमी मुद्रा सबसे अच्छी होती है, क्योंकि इस दिशा में सकारात्मक ऊर्जा छिपी होती है।

गलत दिशा में सोने से स्वास्थ्य सम्बन्धी कई समस्याएं हो सकती हैं। सबसे अच्छी नींद तब आती है जब आपका सिर पूर्व की दिशा में हो। इसके बाद पश्चिमी और अंत में दक्षिण की तरफ सिर करके सोने का स्थान आता है। ये मुद्राएं एक व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं और इससे रक्त के संचार में भी काफी वृद्धि होती है।

उत्तर की तरफ सिर करके सोना वास्तुशास्त्र में मना है। इसके अनुसार उत्तर से पश्चिमी दिशा में मौजूद चुम्बकीय प्रभाव काफी मज़बूत होता है। इतनी ज़्यादा उर्जा से एक व्यक्ति की ऊर्जा के स्तर में काफी गड़बड़ियां उत्पन्न होने लगती हैं। इसके फलस्वरूप सोने से जुड़ी कई समस्याएं और बच्चों द्वारा बुरे सपने देखने जैसी परेशानियां सामने आती हैं। इस मुद्रा से रक्तचाप (blood pressure), नींद ना आने तथा कोलेस्ट्रोल (cholestrol) में वृद्धि की समस्या भी उत्पन्न होती है।

फेंग शुई के मुताबिक़ सोने की मुद्रा (Sleeping position according to feng shui)

फेंग शुई के हिसाब से बिस्तर रखने का स्थान पश्चिम, पूर्व, दक्षिण पूर्वी, दक्षिण पश्चिमी तथा उत्तर पश्चिमी दिशाओं में होना चाहिए।

पश्चिम की ओर (West facing)

पश्चिम की तरह बिस्तर रखने से संतुष्टि का अहसास होता है तथा अच्छी नींद सोने के सारे तत्व प्राप्त होते हैं। इस मुद्रा से सुकून और संतुष्टि मिलती है जिससे प्रेरणा की कमी होती है। अतः ये मुद्रा उनके लिए सही है, जो लोग धन संपन्न हैं और सुख की ज़िन्दगी गुज़ार रहे हैं।

पूर्व की ओर (East facing)

पूर्व की तरफ सोने से एक व्यक्ति में नए कार्य करने की चाह बढ़ती है। उसमें अन्दर से बढ़ने का तथा एक लक्ष्य को प्राप्त करने का जज्बा आता है। अतः यह मुद्रा एक जवान व्यक्ति के लिए सही है, जिसने अपना सफ़र अभी शुरू ही किया है।

दक्षिण पूर्व की ओर (South east facing)

दक्षिण पूर्व की तरफ सोने से बातचीत के गुणों में वृद्धि होती है। इससे एक व्यक्ति काफी अच्छी तथा नयी चीज़ों से भरी हुई ज़िन्दगी जीता है।

दक्षिण पश्चिम की ओर (South west facing)

यह चंचल लोगों को शांत करने की तथा उन्हें सुकून प्रदान करने की सबसे सही दिशा है। इससे वे काफी अच्छा जीवन जी पाते हैं।

उत्तर (North)

उत्तर की तरफ सोने से कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं और एक व्यक्ति काफी आलसी हो जाता है। यह स्थान बुज़ुर्ग व्यक्तियों के लिए ठीक है जो इस मुद्रा द्वारा प्रदान किये जा रहे सुकून का फायदा उठा सकते हैं।

दक्षिण (South)

दक्षिण की तरफ सोना बुरा माना जाता है क्योंकि इस तरफ ऊर्जा की मात्रा काफी ज़्यादा होती है।

उत्तर पूर्व (North east)

उत्तर पूर्व की तरफ बिस्तर लगाकर सोने से लोगों को बुरे सपने आते हैं और वे बुरी तरह डर सकते हैं।

हर स्थिति के लिए सोने की मुद्राएं (Best sleeping positions for each condition)

एक तरफ मुड़कर सोना – खर्राटों से मुक्ति दिलाए (Sleeping on side-avoid snoring)

अगर आप सोते समय काफी खर्राटे लेते हैं तो एक तरफ मुड़कर सोना आपके लिए काफी अच्छा रहेगा। खर्राटे आपको काफी शर्मसार करते हैं, खासकर तब जब आप लोगों के बीच होते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए एक तरफ मुड़कर सोयें।

पीठ के बल सोना -झुर्रियों से बचाए (Sleeping on back-prevent wrinkles)

आप अगर पीठ के बल सोयें तो झुर्रियों से निजात पा सकते हैं। आजकल लोगों को काफी कम उम्र में भी झुर्रियों की समस्या सताती है। प्रदूषण और तनाव की वजह से जवान लोग भी झुर्रियों के शिकार होते हैं। इस स्थिति में सोने की सबसे अच्छी मुद्रा पीठ के बल सोना है।

स्टार फिश मुद्रा ना अपनाएं और कंधे के दर्द से बचें (No star fish position-avoid shoulder pain)

सारा दिन काम करके, तनाव या गाड़ी चलाने की वजह से लोगों के कंधे में दर्द होने लगता है। अगर आप भी इस समस्या के शिकार हैं तो स्टार फिश की मुद्रा से बचें। इस मुद्रा से कंधे का दर्द और भी ज़्यादा बढ़ता है।

बदहजमी की समस्या से निपटने की श्रेष्ठ मुद्रा (Best sleeping position for acid reflux)

आजकल लोग हाजमे की समस्या का काफी शिकार होते हैं। इससे बदहजमी भी हो सकती है। सोने की ऐसी एक मुद्रा है, जिसे अपनाकर लोग बदहजमी की समस्या से निपट सकते हैं। इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। अगर आप रोजाना पीठ के बल सोयें तो बदहजमी की समस्या से निजात पा सकते हैं।

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