Ayurvedik skin care tips for glowing skin in winter – सर्दियों में त्वचा की देखभाल, आयुर्वेदिक स्किन केयर टिप्स

हर महिला के लिए खूबसूरत और दमकती त्वचा बहुत महत्वपूर्ण होती है। साफ त्वचा और चमकती निखार अच्छी सेहत का प्रतीक माना जाता है। आयुर्वेद में त्वचा को खूबसूरत, नर्म और रेडिएंट बनाए रखने का उपाय है। शरीर में वात (vata) का संचय होने से यह होता है।

आम तौर पर सर्दियों में शरीर के भीतर वात तत्व प्रबल हो जाता है, और 50 से ज़्यादा की उम्र के लोगों पर यह ज़्यादा प्रभावी होता है। वात के बहुत ज़्यादा बढ़ने से रूखी त्वचा (dry skin), जोड़ों में दर्द, रूखे बाल और टूटते नाखून जैसी समस्याएँ आ जाती हैं।

सर्दी का मौसम चुभने वाली सर्दी हवाओं और ठंड का मौसम वातावरण में अपने कदम रख चुका है। सर्दी का यह मौसम अभी भी अकेले नहीं आता और अपने साथ मौसम में कई तरह के बदलाव भी लेकर आता है जिसका असर मौसम और हमारी त्वचा तथा बालों पर नज़र आता है।

सर्दियों के शुरू होते ही कई लोगों में रूखी त्वचा के साथ खुजली तथा त्वचा से पपड़ी निकालने जैसी समस्याएँ भी शुरू हो जाती हैं। ठंड के प्रभावों की बात करें तो फटे होंठ (chapped lips) और फटी एड़ियों (cracked hills) को भी नहीं छोड़ा जा सकता, जो ठंड के मौसम के साथ ही शुरू हो जाती हैं और बहुत परेशान करती हैं।

त्वचा की समस्याओं से बचाने के लिए पुराने आयुर्वेदिक उपचार मौजूद हैं जो बहुत असरकारी और अचूक होते हैं। कृत्रिम उपचारों या केमिकल की बजाय यह सुरक्षित भी होते हैं। स्वस्थ, ग्लोइंग (glowing) और मुलायम त्वचा पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय कुछ इस प्रकार हैं। त्वचा की देखभाल कैसे की जाए :-

सर्दियों में रूखी त्वचा से बचाने के लिए मालिश (Massage to protect skin in winter)

शरीर की देखभाल के लिए घरेलू बॉडी लोशन

किसी भी प्रोटीन युक्त तेल की मालिश न केवल एक आम उपचार है बल्कि यह त्वचा को पोषण देने के लिए बहुत आवश्यक भी होता है। आयुर्वेद में सूखी त्वचा (dry skin) के इलाज के लिए गर्म तेल (hot oil) के मालिश की सलाह दी जाती है। यह विधि त्वचा की शुष्कता और रूखापन दूर करती है। आयुर्वेद में नीम (neem) और ब्राम्ही (bramhi) के तेल के उपचार को ड्राई स्किन के लिए उपयुक्त माना गया है आप इनके प्रयोग से त्वचा का रूखापन दूर कर सकते हैं। इसके अलावा भी शुष्क त्वचा के लिए कई मसाज ऑइल हैं, जो बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, आप उनका प्रयोग कर सकते हैं।

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फेस मास्क (Natural face mask in winter)

सही प्रकार के फैस पैक (face pack) की मदद से आप अपनी त्वचा की खोई हुई नमी (moisture) वापस पा सकते हैं। कुछ साधारण जड़ी बूटियों और आसानी से हमारी रसोई में पाये जाने वाले मसालों की मदद से फेस पैक बनाकर आप त्वचा को एक नई जान दे सकते हैं। इस फेस पैक में आप गुलाब जल (rose water), हल्दी (turmeric), एलोवेरा (aloe vera) और आंवले जैसी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। और इन्हें दूध या ताज़ी मलाई (cream) के साथ मिलाकर आप और भी अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

त्वचा के लिए एलोवेरा बहुत फायदेमंद होता है। इसकी ताज़ा पत्तियों को तोड़कर जेल (gel) निकाल लें और इसे अपने चेहरे पर लगा लें। इसके नियमित प्रयोग से त्वचा मुलायम और चमकदार होती है।

स्नान के साधन (Bath product for winter)

सर्दी में त्वचा की देखभाल, आयुर्वेद में शीत काल (winter) में नहाने के लिए किसी भी प्रकार के कठोर साबुन का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। साबुन की जगह प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें। हल्दी, बेसन (gram flour) और दूध से बना मिश्रण आपकी त्वचा को नमी और निखार देने के लिए बेहतरीन होता है। नमी बरकरार रख ग्लोइंग स्किन (glowing skin) पाने के लिए आपको इस लेप का इस्तेमाल नहाने के पहले करना चाहिए।

त्वचा को प्रदूषण से बचाने के सबसे अच्छे उपाय

स्किन केयर टिप्स, स्वस्थ भोजन (Skin ke liye gharelu nuskhe healthy eating)

शीत ऋतु में अपने भोजन की ओर विशेष ध्यान दें। अपने खाने में सभी प्रकार की सब्ज़ियों के साथ मौसमी फल, पोषक तत्वों से युक्त अनाज और ज़रूरी मसालों का प्रायोग आवश्यक होता है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ जैसे- त्रिफला, आंवला, अश्वगंध और शतावरी आदि का आवश्यकतानुसार प्रयोग करना चाहिए। ये सभी उपाय शरीर से टॉक्सिन (toxin) को रोक कर उन्हें प्राकृतिक तरीके से बाहर निकाल देते हैं। बाज़ार में कई तरह के च्यवनप्राश (chyawanprash) मौजूद हैं, इनका सर्दियों में सेवन बहुत अच्छा होता है। नियमित रूप से एक चम्मच च्यवनप्राश शीत ऋतु में रोज़ लें, यह त्वचा और बालों के लिए स्वास्थ्यवर्धक है।

त्वचा की देखभाल के लिए लें ज़्यादा तरल पदार्थ (Sardiyo me skin care tips ke liye more liquids)

ज़्यादा मात्रा में लिया जाने वाला तरल पदार्थ शरीर और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। वैसे इस सलाह को प्रत्येक मौसम में सही तरीके से अपनाना चाहिए। शरीर में पानी की कमी कई तरह के रोगों का कारण बनती है और त्वचा के लिए तो खास तौर पर पानी के साथ अन्य तरल तत्व ज़रूरी होते हैं। अगर शरीर भीतर से स्वस्थ रहता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव चेहरे पर दिखाई देता है। आयुर्वेद में भी इस बात का उल्लेख है कि हमे रोजाना नियमित रूप 8 से 10 गिलास पानी का सेवन करना ही चाहिए।

हरी सब्जियों का अधिक से अधिक प्रयोग (Veggies for glowing skin in winter)

रात में सोने से पहले स्किन केयर के टिप्स

हरी सब्जियाँ रोज लिए जाने वाले आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सब्जियों में मौजुद पानी की मात्रा शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसे अपने रोज़ के आहार में भूलना नहीं चाहिए। सलाद की हरी पत्तियाँ, गाजर, खीरे, मूली, शलजम, शतावरी, धनिये और सौंफ की पत्तियाँ, मेथी इत्यादि सेहत के लिए बहुत लाभदायक होती है। इन्हें जैतून के तेल या नींबू के रस के साथ मिलाकर त्वचा पर प्रयोग किया जा सकता है। इस सब्जियों का अलग अलग तरह से किया गया प्रयोग चेहरे को नई चमक और ऊर्जा देता है।

चाय की मात्रा करें कम (Avoid some tea se sardiyo me beauty tips)

शुष्क त्वचा की देखभाल, शरीर में वात शुष्क और ठंडे दोनों प्रकार के होते हैं जो त्वचा को रूखा बनाने और लंबी उम्र तक जवान दिखने, दोनों ही स्थिति में प्रभावकारी होते हैं। आम तौर पर रसोई में पाये जाने वाले तेज पत्ते (bay leaf) में यह दोनों ही गुण होते हैं, तेजपत्ते का सेवन त्वचा की शुष्कता को दूर कर हाइड्रेट करता है और जिसकी वजह से हमारी त्वचा लंबे समय तक जवान बनी रहती है। नियमित रूप से लेने वाली चाय की जगह आप इस हर्बल चाय का उपयोग कर सकते हैं। यह शरीर और त्वचा दोनों को ही लाभ देता है। इसके अलावा आप अदरक (ginger) की चाय भी ले सकते हैं जो थोड़ा तीखा स्वाद देती है इसमें नींबू मिलाकर आप सेहत के लिए एक फायदेमंद पेय का सेवन कर सकते हैं। इनके साथ और भी कई प्राकृतिक तत्व व मसाले हैं जो सामान्य रूप से हर घर में उपलब्ध होती है, चाय या कॉफी की आदत को कम कर आपको इन सेहतमंद पदार्थों को पीना चाहिए।

स्किन की देखभाल और स्किन केयर के लिए ध्यान (Meditation for healthy skin)

घर पर बनाएं बाथ एवं ब्यूटी रेसिपी

ध्यान, एक्सरसाइज़, योग व श्वास की क्रियाएँ दमकती त्वचा के लिए बहुत प्रभावी होती है। तनाव और चिंता आदि भावनाओं को ऊँचा स्तर हमारी त्वचा को प्रभावित करता है। ध्यान (meditation) आदि के द्वारा इस समस्याओं को कम किया जा सकता है। चिंता व तनाव त्वचा की नमि (moisture) और चमक को कम कर उन्हें प्राणहीन सा बना देते हैं। ऐसे अवस्था में एक्सरसाइज़ (exercise) और ध्यान आदि क्रियाएँ त्वचा को फिर से उज्ज्वल (bright) कर देती है। किसी अरामदायक स्थान पर पीठ के बल लेट जाएँ या फिर किसी जगह आराम से बैठ कर भी आप इस क्रिया को कर सकते हैं। अपने हाथों की उँगलियों को आपस में फाँस कर आँखे बंद कर लें और अपनी साँसों पर ध्यान केन्द्रित करें। अपने पेट पर साँसों को महसूस करते हुए सांस लें और बाहर छोड़ें। अपने फेफड़ों में ज़्यादा से ज़्यादा वायु भरने की कोशिश करें। अंदर सांस खींचते वक़्त इसे पहले अपने फेफड़ों पर और उसके बाद अपनी पसलियों पर महसूस करें इसके उपरांत वायु को पेट में जाने दें। इस क्रिया को अब सांस छोड़े हुए विपरीत रूप में करें। साँसों को पेट से फेफड़ों और पसलियों के बाद बाहर छोड़ें। नियमित रूप से 5 से 10 मिनट इस क्रिया को करे आप अपने चेहरे की त्वचा के साथ शरीर को भी स्वस्थ रख सकते हैं।

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