Top best common preventive health care tips for women – महिलाओं की बेहतर सेहत के उपाय, स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी बेस्ट हेल्थ टिप्स

आजकल महिलाएं विभिन्न प्रकार की गंभीर बिमारियों का सामना कर रही हैं जिनका समय पर इलाज करना सेहत के लिए बेहद आवश्यक है। स्वस्थ बने रहने के लिए सबसे पहले सेहत की नियमित जांच जिसे आम तौर पर रूटीन चेकअप कहा जाता है, के साथ कुछ ऐसे टेस्ट समय समय पर करवाने ज़रूरी होते हैं जिनसे यह पता लगाने में आसानी होती है कि, क्या किसी तरह की कोई बिमारी से तो हम ग्रसित नहीं हैं।

कभी-कभी बहुत सामान्य सा सिर दर्द, पेट का दर्द या चक्कर आना किसी गंभीर बिमारी का रूप होता है जिसे आम तौर पर हम परवाह किए बिना बहुत ही सामान्य सी एक समस्या समझ लेते हैं। कुछ लोग नियमित हेल्थ चेकअप के खर्चे के डरते हैं और इस नियमित जांच से बचे रहने की कोशिश करते हैं। आजकल कुछ बेहतरीन अस्पतालों और हेक्ट केयर संस्थाओं के साथ मिलकर इंश्योरेंस कंपनियां कई तरह के हेल्थ प्लान उपलब्ध करा रही है। यहाँ इस आर्टिकल में स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कुछ टिप्स दिये जा रहे हैं जिन पर आपको एक नज़र ज़रूर डालनी चाहिए।

खास तौर पर महिलाओं को अपनी सुंदरता से ज़्यादा अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि सेहत खूबसूरती से ज़्यादा महत्वपूर्ण है। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि एक स्वस्थ महिला अपने भीतर वास्तविक सुंदरता को समाये रखती है। सेहत के द्वारा अपनी सुंदरता को बनाए रखने का प्रयास करें। अपनी सेहत की सुरक्षा के लिए इन आसान हेल्थ टिप्स को फॉलो करें।

समान्यतः देखा गया है कि महिलाएं स्त्री रोगों से ज़्यादा ग्रसित होती हैं। फिट बने रहने के लिए कुछ विषयों पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है, नियमित रूप से स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास जाकर समय समय पर अपनी जांच कराएं। आजकल की जीवन शैली और गलत खानपान आदि का असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है और यही मुख्य वजह भी है कि हम कई तरह के रोगों का शिकार हो रहे हैं। आजकल महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर, पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसिज (PCOD) जैसी गंभीर बिमारियों से जूझ रही हैं।

सामान्य स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी टिप्स हिन्दी में (Commonpreventive health tips for women)

सेहतमंद आदतें (Preventive health care examples – Healthy habits)

सेहतमंद आदतें आपको सेहतमंद बनाए रखने में मदद करती है। बुरी आदतें या नशे जैसे शराब, स्मोकिंग और ड्रग्स आदि की लतों से दूर रहना चाहिए। अच्छा और सेहतमंद भोजन लेना चाहिए तथा नियमित दिन में दो बार स्नान करना चाहिए। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना भी हेल्दी हैबिट का एक हिस्सा है। महिलाओं को हाई हील्स और तनावमुक्त जीवन जीने की कोशिश करनी चाहिए।

एक्सरसाइज़ (Preventive health care tips in Hindi – Exercise)

एक्सरसाइज़ सभी के लिए अच्छी होती है लेकिन यह महिलाओं के लिए खास तौर पर ज़रूरी है। एक्सरसाइज़ उन्हें इस मॉडर्न लाइफ में उनकी जगह बनाए रखने में मदद करता है। एकसारसाइज़ से स्टेमिना बढ़ता है और आप अपने परिवार की देखभाल और भी बेहतर तरीके से कर सकते हैं। एक्सरसाइज़ के अनेक फायदे हैं इसकी मदद से आप मोटापा, जोड़ों के दर्द व तनाव से भी बच सकते हैं।

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नींद (Sleep)

अच्छी नींद अच्छी सेहत प्रदान करने में बहुत प्रभावी होती है। आपको 6 से 7 घंटों की पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। इस दौरान आपके शरीर के बाकी अंगों को आराम करने का समय मिलता है। इसके साथ ही बहुत ज़्यादा नींद से भी बचना चाहिए। ज़्यादा सोने से शरीर में चर्बी की मात्रा बढ़ती है और आप मोटापे का शिकार हो जाते हैं।

डाइट (Diet)

आपके द्वारा लिया जाने वाला आहार या डाइट तथा सेहत का अनुपात एक दूसरे के लगभग समतुल्य होता है। अगर हम अच्छा खानपान लेते हैं तो निश्चित रूप से हमें एक अच्छी सेहत प्राप्त होती है। अगर हम अपने आहार में पोषण को नज़रअंदाज़ करते हैं तो इसका प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। अपने रोज के आहार में प्रोटीन, मिनरल्स और विभिन्न तरह के विटामिनयुक्त चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए।

मेमोग्राम (Mammogram)

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के लिए मेमोग्राम एक बहुत मददगार उपाय है। आजकल ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में बहुत ही आम बात हो गई है जो काफी चिंताजनक है। इसका मुख्य कारण आजकल की आधुनिक लाइफ स्टाइल और वंशानुगत भी है। महिलाओं को प्रत्येक माह अपने स्तनों की जांच खुद से करनी चाहिए। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कहीं आपके स्तनों में कोई गांठ, गिल्टी, दानें या लालिमा आदि तो नहीं है।

स्त्रीरोग विशेषज्ञ की सलाह (Gynecologist)

अधिकांश महिलाएं लगभग 30 की उम्र के अंदर ही स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास जाती हैं लेकिन अगर आप भविष्य में होने वाली किसी अनचाही हेल्थ प्रॉब्लम से बचना चाहती हैं तो आपको हर दो माह में एक बार स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास अपने स्वास्थ्य की जांच कराने अवश्य जाना चाहिए।

सनस्क्रीन (Sunscreen)

धूप में निकलने के पहले अपने चेहरे गले और खुले हुये हिस्सों में  सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल अवश्य करें। यह आपको सुंदरता संबंधी सुरक्षा के लिए मदद करता है। अपनी त्वचा के लिए किसी अच्छी कंपनी के प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करें।

ब्लडप्रेशर (Blood pressure)

ब्लडप्रेशर महिला और पुरुष दोनों में ही एक सामान्य समस्या है। अगर आपका ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है तो भी प्रत्येक 6 माह के अंतराल में अपना ब्लडप्रेशर ज़रूर चेक करवाएँ। अगर इस चेक अप में आपका रिजल्ट पॉज़िटिव आता है तो आपको ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या है और इसके निवारण के लिए आपको उचित इलाज और एहतियात बरतना चाहिए।

हॉरमोन थैरेपी (Hormone Therapy)

आजकल की मॉडर्न लाइफस्टाइल की वजह से कई महिलाएं हॉरमोन असंतुलन की समस्या से ग्रसित हो रही हैं। मेनोपोज़ के बाद का समय इस स्थिति का एक संवेदनशील समय हो सकता है और इस दौरान ही इसे पहचानकर उचित इलाज आसान होता है। अगर आपके शरीर में हॉर्मोनल डिफ़िशिएन्सी की समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद कुछ हॉरमोन सप्लीमेंट का इस्तेमाल कर सकती हैं जो बाज़ार में उपलब्ध हैं।

महिलाओं की सेहत की सुरक्षा के लिए हेल्थ केयर टिप्स हिन्दी में (Preventive health care tips for women)

कोलोन कैंसर (Colon cancer)

पेट का कैंसर महिलाओं में एक बढ़ता हुआ रोग है जिसकी संभावना 50 की उम्र के बाद अधिक होती है। यह एक बहुत ही भयानक बिमारी है जो कई बार मौत का भी कारण बन जाती है। यहीं नहीं यह रोग भारत के साथ विदेशों में भी अत्यधिक मात्रा में दिखाई दे रहा है। अगर आपके परिवार में किसी को कोलोन कैंसर है तो आपको इसके प्रति बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि यह एक वंशानुगत रोग भी हो सकता है। पेट के कँसार को पहचानने के ल्ये अस्पतालों में कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं जिनकी मदद से इस रोग को पकड़ा जा सकता है। अगर प्रथम चरण में ही इसे पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाये तो मरीज के सुधरकर बचने की संभावना काफी हद तक बनी रहती है।

प्रतिरोधकता (Immunization)

उम्र के साथ हर व्यक्ति की इम्यूनिटी या प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। महिलाओं के क्षेत्र में यह और भी ज़्यादा होता है। आपको अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के स्तर को सही बनाए रखने के लिए कुछ खास तरह के वैक्सीनों की मदद लेनी चाहिए जो आपकी घटती हुई प्रतिरोधक क्षमता के स्तर को बढ़ाने में आपकी मदद करते हैं। अगर आपका इम्युनिटी का लेवल कम है और आपको फ्लू या किसी प्रकार का संक्रामक रोग हुआ है तो आपको इसके लिए प्रतिरोधक क्षमता बादहाने वाला कोई वैक्सीन लगवाना चाहिए, यह वैक्सीन आपको फ्लू आदि से लड़ने में भी शरीर की मदद करेगा। बढ़ती उम्र के साथ निमोनिया जैसी खतरनाक बिमारी भी आपको जल्दी ही अपने घेरे में ले सकती है। इसीलिए 65 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह से शरीर के लिए ज़रूरी और आवश्यक वैक्सीन महिलाओं को ज़रूर लगवानी चाहिए।

डायबिटीज़ के लिए ब्लड टेस्ट (Blood tests for diabetes)

महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दृष्टि से ब्लड टेस्ट एक बहुत ही ज़रूरी चरण है। इससे कई तरह की बिमारियों के बारे में समय पर जानकारी उपलब्ध हो जाती है जिनका समय रहते इलाज संभव हो जाता है। आज के समय में डायबिटीज़ लगभग हर घर के किसी न किसी सदस्य को हो सकती है। रक्त में शुगर का बढ़ा हुआ स्तर ब्लड शुगर का कारण बनता है।

अवसाद (Depression)

अवसाद एक मानसिक स्थिति है जो आजकल कई वयस्कों में देखि जा रही है। महिलाओं में भी यह उतना ही प्रभावी है। महिलाएं भी कई कारणों की वजह से अवसाद से जूझ रही हैं। अगर आप लंबे समय से किसी बिमारी से ग्रस्त हैं तो इसका प्रभाव भी आपके मस्तिष्क पर पड़ता है। यह दिमाग पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव डालता है। कई मनोवैज्ञानिक कारणों से भी लोग अवसाद से ग्रस्त होते हैं। अकेलापन और निरुत्साह होने की वजह भी अवसाद का एक प्रमुख कारण है। एक उम्र के बाद महिलाएं इस तरह की समस्या का शिकार हो जाती हैं। इसके लिए किसी काउंसलर या मनोरोग चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए ताकि आप हमेशा के लिए अवसाद से बाहर आ सके, इसके लिए काउंसलिंग के दौरान आपसे कई प्रश्न किए जाते हैं।

हृदयसंबंधी रोग (Heart disease)

आजकल हृदयरोगों की समस्या लोगों में क्रमशः बढ़ती ही जा रही है, छोटे ह्रदयाघातों को तो दवाओं के द्वारा ठीक किया जा सकता है लेकिन बड़े स्ट्रोक बहुत घातक हो सकते हैं। हृदयसंबंधी रोगों के वैसे तो अनेक कारण हो सकते हैं लेकिन इसका एक मुख्य कारण आजकल की जीवनशैली को ही माना जाता है। अगर आप अत्यधिक मात्रा में फास्ट फूड या तेल की तली भुनी चीज़ें खाते हैं तो यह खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए और समय पर हृदय रोगों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए समय समय पर चेक अप ज़रूर करवाएँ। स्वस्थ और सेहतमंद आहार लें।

सेहत के लिए दवाओं पर निर्भर न रहें (Slash healthcare pills)

आजकल बहुत से लोग सेहत के लिए दवाओं पर निर्भर रहने लगे हैं। सेहत के लिए वे किसी तरह से आहार या भोजन आदि लेने से भी डरते हैं। सही अनुपात के पोषक तत्वों से युक्त कम मात्रा का आहार ही सेहत के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। बहुत ज़्यादा टॉनिक या दावा लेने से बचना चाहिए और जितना हो सके प्राकृतिक उपायों पर निर्भर रहने की कोशिश करनी चाहिए। हमारी प्रकृति में कई सब्जियाँ और हर्ब्स हैं जो हमारी सेहत को बेहतर रखने के लिए कई तरह से हमारी मदद करती है।

आँखों की सेहत (Health tips for women in Hindi – Eye health)

आँखें शरीर का एक ऐसा अंग है जो आपको जीवन भर बाहर की चीज़ें देखने में समर्थ बनाता है तो उसकी सुरक्षा का खयाल भी आपको समय समय पर रखना ही चाहिए। नियमित रूप से आँखों की जांच करवानी ज़रूरी है। हमारे काम का तनाव और भावनाओं का सीधा असर हमारी आँखों पर पड़ता है। आजकल की कामकाजी महिलाएं भी ज़्यादातर स्क्रीन के सामने अपना समय बिताती हैं, इसके अलावा टेलीविज़न लगातार देखने से भी आँखों में समस्या पैदा होने लगती है। आँखों की सुरक्षा के लिए रूटीन चेकअप बहुत आवश्यक है।

महिलाओं के लिए खास हेल्थ टिप्स हिन्दी में – मातृत्व को दें कुछ समय विराम (Health tips in Hindi for woman body – Freeze your motherhood)

अब वो दिन नहीं रहे जब महिलाएं शादी के बाद तुरंत बच्चों को जन्म देकर माँ होने का सुख भोग करती थीं। आज की महिलाएं घर के पुरुषों पर निर्भर नहीं हैं और कामकाजी होने की वजह से भी परिवार को उतना समय नहीं दे पाती। लेकिन अपने तरीके से वे अपने कैरियर के साथ साथ अपने परिवार की भी देखभाल की ज़िम्मेदारी उठती है, इस बीच ऐसी महिलाओं को अपने कैरियर के बीच में मातृत्व को न लाना ही बेहतर होता है। अगर आप कुछ समय बाद माँ बनना चाहती हैं और पहले अपने कैरियर को स्थापित करना चाहती हैं तो ऐसे कई उपाय हैं जिनकी मदद से आप सेहतमंद रहकर भी माँ बनने की प्रक्रिया को कुछ दिन आगे बढ़ा सकती हैं या मनचाहे समय तक टाल सकती हैं।

मुंह की सेहत का ख्याल (Healthy tips for good health in Hindi – Oral care)

 अपने मुंह के स्वास्थ्य की सुरक्षा के द्वारा आप अपने आप को एक बेहतर ढंग से लोगों के सामने प्रस्तुत कर सकती हैं। खराब ओरल हेल्थ आपकी नकारात्मक छबि लोगों के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। गर आपको अचानक मुंह या दांतों से जुड़ी कोई परेशानी सता रही है तो तुरंत बिना देरी किए अपने दंत चिकित्सक के पास जाएँ और उचित मार्गदर्शन लें। आपको नियमित रूप से अपने दांतों व मुंह की सुरक्षा के लिए भी चेकअप करवाने की ज़रूरत है ताकि किसी परेशानी के आने से पहले ही उससे बचा जा सके। अगर आपके दांतों में कैवेटी हो रही है तो डेंटिस्ट कुछ खास उपायों से आपकी समस्या का निवारण कर देता है, इसके लिए बहुत ज़्यादा डरने या चिंता की ज़रूरत नहीं है। डेंटिस्ट के द्वारा सुझाए गए कुछ उपायों को अपनाकर आप अपने दाँत, मसूड़ों और मुंह के रोगों से बची रह सकती हैं। साथ ही इन सब के लिए अपनी ओरल हेल्थ चेकअप को नियमित रखें।

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