Foods to avoid to slow down the aging process – एजिंग प्रोसेस को धीमा करने के लिए ना खाएं ये फूड, बढ़ती उम्र रोकने के प्राकृतिक उपाय

एजिंग (aging) या उम्र का बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें हमारे द्वारा लिए जाने वाले भोजन का खास प्रभाव पड़ता है। उम्र की वजह से होने वाले चिन्हों या संकेतों को दिखाने में इन फूड्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सभी प्रकार के पोषक तत्वों से युक्त संतुलित भोजन लेने से त्वचा और सेहत बेहतर बनी रहती है।

त्वचा की समस्याएँ (Skin problems)

कुछ इस तरह के भी फूड्स हैं जिन्हें खाने से हमारी त्वचा पर इसके भयावह प्रभाव दिखाई देते हैं जो त्वचा या चेहरे पर पिंपल (pimple) या एक्ने, ड्राय स्किन आदि के रूप में नज़र आती है।

हमेशा त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए आसपास के पर्यावरण या प्रदूषण को ही जिम्मेदार ठहरना सही नहीं होगा बल्कि आपके खान पान का सीधा असर भी आपकी त्वचा और सेहत पर पड़ता है। अगर आप अपनी वास्तविक उम्र से ज़्यादा के नज़र आते हैं या आपकी त्वचा पर बढ़ती उम्र के संकेत समय से पहले दिखाई दे रहे हैं तो आपको अपने रोज़मर्रा के खानपान पर गौर करने की आवश्यकता है।

कुछ फूड्स इस प्रकार के होते हैं जो हमारी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं, अपने रोज के आहार से ऐसी चीजों को हटाकर उनकी जगह संतुलित और सभी ज़रूरी पोषक तत्वों के भरपूर आहार लेने की शुरुआत करें। यहाँ इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे ही भोजन पर चर्चा करने जा रहे हैं जो हमारी बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं जिसकी वजह से हमारे शरीर और त्वचा पर उम्र से पहले ही ये चिन्ह नजर आने लगते हैं।

एजिंग प्रोसेस को तेज करने वाले भोजन (Which food boosts the aging process?/ How to stop the aging process naturally)

त्वचा की समस्या के लिए टमाटर का उपयोग कैसे करे

जंक फूड (Best way to slow aging – Avoid junk food)

सेहत की दृष्टी से जंक फूड किसी भी तरह लाभदायक नहीं होते इसीलिए जितना हो सके इनसे दूर ही रहना चाहिए क्योंकि ये शरीर को केवल नुकसान ही पहुंचाते हैं। अगर आपकी नियमित दिनचर्या में जंक फूड शामिल है तो जितनी जल्दी हो सके इसे अपने आहार से हटा दें।

हाइड्रोजनीकृत वसा (To avoid hydrogenated fats for slow down aging naturally)

हाइड्रोजेनेटेड फैट के खतरों को समझना सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है। इसे जितना हो सके उतना ही नज़र अंदाज करना चाहिए क्योंकि यह हार्ट इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। इन सब के लिए आपको यह जानना भी ज़रूरी है कि हाइड्रोजेनेटेड फैट या हाइड्रोजनीकृत वसा किन पदार्थों में मौजूद होता है? बाज़ार में मिलने वाले ज़्यादातर बेकरी उत्पादों में यह मौजूद होता है, इसके अलावा स्नैक फूड और कृत्रिम मक्खन में भी यह पाया जाता है। बाज़ार में मिलने वाले कूकीज़, क्रैकर्स और बेक्ड आइटम जिनमें हाइड्रोजेनेटेड ऑइल की मौजूदगी होती है उन्हें नहीं खरीदना चाहिए।

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ओलेस्ट्रा (Jawan rahne ke tips Hindi me : Don’t eat olestra)

ओलेस्ट्रा एक तरह का सिंथेटिक फैट है जो नॉन फैट आलू चिप्स आदि में पाया जाता है। वैसे तो यह कई स्नैक्स आदि को लो कैलोरी बनाने का दावा करता है लेकिन इसके गुणों के साथ कई भ्रम और विवाद भी हैं, जहां यह नॉन फैट प्रोडक्ट में मौजूद होता है वहीं इसकी वजह से शरीर पर होने वाले प्रभाव कई तरह से चिंता का कारण होते हैं। फलों और सब्जियों कि जगह अतिरिक्त मात्रा में इस सिंथेटिक फैट का सेवन शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है।

नाइट्रेट्स (Tips to slow down aging – Avoid nitrates)

डिब्बाबंद मांस और विशेष विधियों द्वारा संरक्षित किए गए गो मांस या अन्य रेड मीट आदि में इसकी प्रचुर मात्रा होती है। यह शरीर में कैंसरकारक होते हैं और साथ ही सेहत पर बहुत बुरे प्रभाव छोड़ते हैं। अगर आप नॉन वेजिटेरियन हैं और मांस का सेवन करते हैं तो अपने आहार में नाइट्रेटरहित मांस का या ओर्गेनिक मांस का प्रयोग करें। इसके साथ ही अतिरिक्त मात्रा में विटामिन सी का प्रयोग भी करें।

अल्कोहलयुक्त पदार्थ (Alcoholic beverages, Food that cause aging)

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रेड वाइन की अल्प मात्रा का प्रयोग भी कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है जो उतने ज़्यादा गंभीर प्रभाव नहीं देते और इनके नुकसान भी न्यूनतम ही होते हैं, लेकिन इसके अलावा आँय अल्कोहल युक्त पदार्थों कि अधिक मात्रा शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाती है खास तौर पर इसका असर हमारे लीवर पर पड़ता है और इससे शरीर में टॉक्सिन की मात्रा भी बढ़ जाती है जो कई प्रकार की बिमारियों का आमंत्रण होती है। एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए अल्कोहल या उनसे बने पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए।

कच्चे ओएस्टर और सूशी (Slow down aging tips in hindi, Avoid raw oyster and sushi)

कई तरह के सीफूड में कच्चे या मेरिनेटेड ओएस्टर का इस्तेमाल किया जाता है जो खाने में बहुत लजीज होते हैं लेकिन सेहत के लिए यह उतने अच्छे नहीं होते। इसी तरह मूलतः जापानी व्यंजन सूशी का चलन आजकल पूरी दुनिया में है जिसे लोग बहुत चव से खाते हैं, इसमें लगभग 10 प्रतिशत कच्चे मांश या कच्ची अवस्था में मछली का प्रयोग कर व्यंजन तैयार किया जाता है, यह वैसे तो अल्प फैट वाला भोजन है लेकिन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया या एजिंग प्रोसेस को गति देने में यह काफी हद तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसीलिए अगर आप लंबे समय तक युवा दिखना चाहते हैं तो इस तरह के सी फूड का प्रयोग बंद कर देना ही फायदेमंद होगा।

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